पाकिस्तान के ननकाना साहिब शहर में बृहस्पतिवार सुबह अहमदिया समुदाय के एक प्रमुख नेता एवं नोबेल पुरस्कार विजेता अब्दुस सलाम के रिश्तेदार को गोलियों से भून दिया गया. पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक जमात-ए-अहमदिया के नेता एवं वकील मलिक सलीम लतीफ अपने वकील बेटे फरहान के साथ बाइक पर अदालत जा रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर गोली चलाई.
इसमें लतीफ की मौके पर ही मौत हो गई. बताया जा रहा है कि मामले में अब तक कोई प्राथमिकी नहीं दर्ज कराई गई है. इस घटना से अहमदिया समुदाय में आक्रोश है. समुदाय के प्रवक्ता सलीमुद्दीन ने कहा कि अहमदिया समुदाय का होने की वजह से लतीफ की हत्या की गई. उन्होंने कहा कि यह घटना बताती है कि आतंक के खिलाफ जारी सैन्य अभियान 'जर्ब-ए-अजब' और 'रद्दुल फसाद' को जिस तरह से क्रियान्वित करना चाहिए, उस तरह से नहीं किया जा रहा है.
सलीमुद्दीन ने कहा कि नफरत फैलाने वालों पर लगाम नहीं लगाई जाती और अगर हालात इसी तरह से बने रहते हैं, तो फिर अहमदियों की हत्या भी जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि उनका समुदाय कानून का सामना कर रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि नफरत फैलाने वालों को सरकार का समर्थन मिला है. ऐसे ये लोग खुलेआम वारदातों को अंजाम दे रहे हैं.