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अमेरिका पर एक्शन, नैंसी पेलोसी पर सैंक्शन... US स्पीकर की ताइवान यात्रा पर भड़का चीन क्या-क्या कर रहा?

US स्पीकर Nancy Pelosi की ताइवान यात्रा पर चीन भड़का हुआ है. चीन के प्रतिबंध के बाद अब नैंसी या उनके परिवार का कोई सदस्य कभी चीन नहीं जा सकेगा. इसके साथ-साथ अमेरिका से भी चीन ने कई संबंध खत्म कर दिए हैं.

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नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे से चीन भड़का था नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे से चीन भड़का था

यूएस स्पीकर नैंसी पेलोसी (Nancy Pelosi) के ताइवान दौरे पर चीन अभी भी भड़का हुआ है. पेलोसी तो ताइवान से वापस लौट चुकी हैं लेकिन चीन का एक्शन और प्रतिबंध का सिलसिला अभी थमा नहीं हैं. चीन ने अमेरिका संग कई क्षेत्रों में रिश्ते खत्म करने का ऐलान किया है. दूसरी तरफ पेलोसी और उनके परिवार के सदस्यों पर भी कुछ प्रतिबंध लगा दिए गए हैं. 

दूसरी तरफ ताइवान के आसपास चीन की लाइव ड्रिल जारी हैं, जिससे चीन ताइवन को डराने की कोशिश में लगा हुआ है. ताइवान के मुताबिक, शुक्रवार को चीन के 66 फाइटर जेट्स और 13 युद्धपोतों ने मध्य रेखा को पार किया था.

अब आपको बताते हैं कि चीन ने यूएस स्पीकर पेलोसी पर क्या प्रतिबंध लगाए हैं. 82 साल की पेलोसी के ताइवान दौरे को चीन ने वन चाइना पॉलिसी के खिलाफ माना था. इसके बाद चीन ने पेलोसी पर प्रतिबंध लगाए.

इसके मुताबिक, पेलोसी और उनके परिवार के सदस्य कभी चीन में यात्रा नहीं कर पाएंगे. चीन ने इससे पहले ऐसे ही प्रतिबंध डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति रहते उनके प्रशासन से जुड़े 28 लोगों पर लगाया था, जिसमें तब से गृहमंत्री माइक पोम्पियो भी शामिल थे.

अमेरिका पर क्या-क्या एक्शन

पेलोसी के साथ-साथ चीन ने अमेरिका से भी कई संबंध खत्म करने की बात कही है. चीन ने जलवायु परिवर्तन, सैन्य संबंध के साथ-साथ एंटी-ड्रग्स अभियानों पर यूएस से संबंध या तो खत्म कर लिए हैं या फिर उनको निलंबित कर दिया है. चीन की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक -

- चीन-यूएस थियेटर कमांडर बातचीत रद्द की गई
- चीन-यूएस नौसेना परामर्शी समझौता रद्द किया गया
- यूएस-चीन डिफेंस पॉलिसी कॉर्गिनेशन बातचीत रद्द हुई

- अवैध अप्रवासियों का प्रत्यावर्तन करने पर होने वाली बातचीत सस्पेंड
- क्रिमिनल मेटर्स पर होने वाली मीटिंग सस्पेंड
- अंतरराष्ट्रीय क्राइम पर होने वाली बैठक सस्पेंड
- मादक द्रव्य रोधी अभियान सस्पेंड

अमेरिका, पेलोसी और ताइवान के साथ चीन G7 देशों से भी चिढ़ा हुआ है. दरअसल, G7 की तरफ से इस संकट पर बयान दिया गया था. कहा गया था कि पेलोसी के दौरे की वजह से आक्रमक मिलिट्री एक्शन की तुक नहीं बनती है. इस बयान से नाराज चीन के विदेश मंत्रालय ने यूरोपियन देशों और जापान के राजदूत को समन कर दिया था. उनसे जी7 के बयान की निंदा करने को कहा गया था.

तनाव के बीच अमेरिका चीन को नसीहत दे चुका है कि वह पेलोसी के दौरे पर ओवररिएक्ट कर रहा है. साथ-साथ यूएस ने चीन की मिलिट्री ड्रिल की भी निंदा की है. कहा गया है कि ऐसे एक्शन शांति और स्थिरता लाने की कोशिशों में बाधा बनेंगे.

बता दें कि ताइवान द्वीप के पास चीन ने चार अगस्त से लाइव फायर ड्रिल शुरू की थी. चीन ताइवान को चारों तरफ से घेरकर छह इलाकों में ये ड्रिल कर रहा है. इसके लिए आइलैंड के पूर्व में पहली बार लाइव फायर शूटिंग रेंज बनाई गई हैं.

 

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