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'हर धर्म के लिए सुरक्षित होगा बांग्लादेश...', हिंदुओं पर अत्यचार के बीच PM तारिक रहमान का सख्त संदेश

बांग्लादेश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अगस्त 2024 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद देश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं पर हमलों की घटनाएं बढ़ी थीं.

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तारिक रहमान ने मंगलवार को बांग्लादेश के 11वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी. (Photo- BNP)
तारिक रहमान ने मंगलवार को बांग्लादेश के 11वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी. (Photo- BNP)

बांग्लादेश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने बुधवार को राष्ट्र के नाम अपने पहले टेलीविजन संबोधन में कानून के राज को मजबूत करने और देश को सभी धर्मों के लोगों के लिए सुरक्षित बनाने का संकल्प लिया. 60 वर्षीय रहमान ने कहा कि उनकी सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य कानून-व्यवस्था सुधारना और भ्रष्टाचार पर सख्ती से नियंत्रण कर शांति और सुरक्षा बहाल करना है.

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के प्रमुख रहमान ने कहा, “हम इस देश को हर नागरिक के लिए सुरक्षित भूमि बनाना चाहते हैं. मुसलमान, हिंदू, बौद्ध, ईसाई... पार्टी, विचार, धर्म या जातीयता चाहे जो भी हो, पहाड़ों में रहने वाले हों या मैदानों में, यह देश हम सभी का है. जिन्होंने बीएनपी को वोट दिया या नहीं दिया, सभी को सरकार पर समान अधिकार है."

रहमान का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अगस्त 2024 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद देश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं पर हमलों की घटनाएं बढ़ी थीं. अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद युनूस के कार्यकाल में मॉब लिंचिंग, न्यायेतर हत्याओं और सांप्रदायिक हिंसा की कई घटनाएं सामने आईं.

मानवाधिकार संगठन ‘मानवाधिकार संस्कृति फाउंडेशन’ के अनुसार जनवरी 2026 में ही 21 लिंचिंग और 28 मॉब पिटाई की घटनाएं दर्ज की गईं. वहीं बांग्लादेश हिंदू बौद्ध क्रिश्चियन यूनिटी काउंसिल ने 2025 में 522 सांप्रदायिक हमलों की रिपोर्ट दी, जिनमें हत्याएं, बलात्कार और मंदिरों में तोड़फोड़ शामिल हैं. जून 2025 से जनवरी 2026 के बीच अल्पसंख्यक समुदाय के 116 लोगों की हत्या की बात कही गई, जिनमें अधिकांश हिंदू थे. भारत ने भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है.

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रहमान ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य संचालन में अंतिम शब्द कानून का होगा, न कि किसी दल या राजनीतिक प्रभाव का. उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी संवैधानिक और प्रशासनिक संस्थाएं स्थापित नियमों के अनुसार काम करेंगी. वहीं कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता बताते हुए गृहमंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि मॉब कल्चर किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. वहीं वरिष्ठ मंत्री मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने भी कहा कि सरकार मॉब हिंसा पर कड़ा नियंत्रण करेगी.

रहमान ने आर्थिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के कारण अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है. उन्होंने युवाओं और छात्रों से कौशल विकास पर जोर देने की अपील की और कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में विशेषज्ञता जरूरी है. रमजान के मद्देनजर उन्होंने गैस, पानी और बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए.

बता दें कि तारिक रहमान ने 12 फरवरी को हुए 13वें संसदीय चुनाव में जीत के बाद मंगलवार को देश के 11वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली. वे पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र हैं और 17 साल के स्वैच्छिक निर्वासन के बाद दिसंबर में लंदन से लौटे थे. उनके साथ 25 मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों ने भी शपथ ली.

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