क्या बांग्लादेश के चुनावी नतीजे नई राजनीतिक खींचतान की शुरुआत कर रहे हैं? चुनाव के बाद बयानबाजी तेज हो गई है और अलग-अलग दल एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं. इसी बीच जमात-ए-इस्लामी के अमीर डॉ. शफीकुर रहमान ने साफ कहा है कि चुनाव जीतने की गारंटी लेकर राजनीति नहीं की जाती और उनकी पार्टी पुराने राजनीतिक तौर-तरीकों में लौटना नहीं चाहती.
गुरुवार रात पोस्ट-इलेक्शन ब्रीफिंग में उन्होंने कहा कि जमात सकारात्मक राजनीति करना चाहती है और छोटी-छोटी बातों पर तनाव नहीं बढ़ाना चाहती. उनके मुताबिक, अगर राजनीति जनता के लिए है तो यह मानना होगा कि चुनाव में जीत की कोई गारंटी नहीं होती.
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जमात प्रमुख ने ढाका-8 सीट के नतीजों में देरी पर भी सवाल उठाए और कहा कि वहां "चूहे-बिल्ली का खेल" चल रहा है. इसे उन्होंने बीमार राजनीतिक सोच बताया और कहा कि जरूरत के अनुसार देश को जानकारी दी जाएगी.
13 फरवरी को आएंगे बांग्लादेश के चुनावी नतीजे
जमात प्रमुख ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ने 13 तारीख तक परिणाम देने का भरोसा दिया है और उनकी पार्टी फिलहाल नतीजों का इंतजार कर रही है. उन्होंने संकेत दिया कि आगे स्थिति स्पष्ट होने पर पार्टी विस्तार से प्रतिक्रिया देगी.
ढाका-8 सीट पर चल रही खींचतान
दूसरी ओर इसी सीट से BNP उम्मीदवार और पार्टी की स्थायी समिति के सदस्य मिर्जा अब्बास ने जमात पर आरोप लगाए. समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनका प्रतिद्वंद्वी गलत तरीके अपनाने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यह ज्यादा बढ़ा तो उनकी पार्टी चुप नहीं बैठेगी.
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कुल मिलाकर ढाका-8 सीट को लेकर दोनों पक्षों के बयान यह संकेत दे रहे हैं कि चुनाव के बाद भी राजनीतिक टकराव खत्म नहीं हुआ है. अब नजर चुनाव आयोग के अंतिम नतीजों और आगे की राजनीतिक प्रतिक्रिया पर टिकी है, जिससे स्थिति साफ हो सकेगी.