बांग्लादेश में आईसीसी टी20 को लेकर सियासत अब तक जारी है. अंतरिम सरकार के पूर्व खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने दावा किया था कि बांग्लादेश टीम का आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप से हटने का फैसला खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ ने खुद लिया था. अब उनके बयान पर बांग्लादेश क्रिकेट टीम के सीनियर असिस्टेंट कोच मोहम्मद सलाहुद्दीन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान टी20 वर्ल्ड कप के बहिष्कार को लेकर काफी विवाद हुआ. आसिफ नजरुल ने कहा था कि टीम प्रबंधन और खिलाड़ियों ने देश के हालात को देखते हुए टूर्नामेंट में न जाने का सामूहिक निर्णय लिया है. लेकिन मोहम्मद सलाहुद्दीन ने इस दावे को खारिज किया है.
मोहम्मद सलाहुद्दीन ने आसिफ नजरुल के इस बयान को पूरी तरह झूठा करार दिया. उन्होंने दावा किया कि टी20 वर्ल्ड कप का बहिष्कार करने का फैसला सरकार ने थोपा था और खिलाड़ियों या कोचों की इसमें कोई भूमिका नहीं थी.
सरकार पर फैसला थोपने का आरोप
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मोहम्मद सलाहुद्दीन ने कहा, 'आसिफ नजरुल का बयान पूरी तरह से झूठा है. एक यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के तौर पर, मैं सचमुच हैरान हूं कि वो इतना बड़ा झूठ कैसे बोल सकते हैं. मेरा मानना है कि ये फैसला सरकार ने थोपा था.'
टी20 वर्ल्ड कप ना खेलने से निराश थे खिलाड़ी!
मोहम्मद सलाहुद्दीन ने आगे कहा, 'उन्होंने (सरकार ने) बांग्लादेश क्रिकेट टीम को टी20 वर्ल्ड कप में भाग न लेने के लिए मजबूर किया. इसमें क्रिकेटरों या कोचों का कोई हाथ नहीं था. बल्कि, खिलाड़ी न खेल पाने से बेहद निराश थे और उनमें से दो गंभीर रूप से बीमार भी पड़ गए थे.'
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बांग्लादेशी क्रिकेट कोच ने आरोप लगाते हुए कहा, 'अब आसिफ नजरुल सारा दोष क्रिकेटरों और कोचों पर डाल रहे हैं, जबकि असल में, उन्होंने ही बांग्लादेश टीम को टी20 वर्ल्ड कप में न खेलने का फैसला लेने के लिए मजबूर किया था.'