बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा का एक और मामला सामने आया है. जेस्सोर जिले के मणिरामपुर उपजिला में सार्वजनिक स्थान पर एक हिंदू युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई. मृतक की पहचान 45 वर्षीय राणा प्रताप बैरागी के रूप में हुई है. वह केशबपुर उपजिला के अरुआ गांव का रहने वाला था और तुषार कांति बैरागी का बेटा था.
यह घटना सोमवार शाम करीब 5 बजकर 45 मिनट पर मणिरामपुर के वार्ड नंबर 17 स्थित कोपालिया बाजार इलाके में हुई. प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार राणा प्रताप बाजार में मौजूद था, तभी अज्ञात हमलावर या हमलावरों ने उस पर अचानक गोलियां चला दीं. गोलियां लगते ही राणा प्रताप की मौके पर ही मौत हो गई.
हिंदू युवक की गोली मारकर हत्या
घटना के बाद बाजार और आसपास के इलाके में अफरा तफरी मच गई. लोग डर के कारण इधर उधर भागने लगे. सूचना मिलते ही मणिरामपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया. पुलिस ने घटनास्थल को घेर लिया और जांच शुरू कर दी.
मणिरामपुर थाना के प्रभारी अधिकारी राजिउल्लाह खान ने बताया कि पुलिस मौके पर मौजूद है. शव को कब्जे में लेने और पोस्टमार्टम की तैयारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और हमलावरों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं.
राणा प्रताप बैरागी की हत्या ऐसे समय में हुई है, जब बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा के कई मामले सामने आ चुके हैं. इससे पहले दीपु चंद्र दास नाम के एक हिंदू गारमेंट फैक्ट्री कर्मचारी की भीड़ द्वारा पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी. अमृत मंडल नाम के एक अन्य हिंदू युवक की भी हाल के दिनों में हत्या की खबर सामने आई थी.
घटना के बाद इलाके में तनाव
इसके अलावा मयमनसिंह जिले में बजेंद्र बिस्वास नाम के हिंदू युवक को गोली मार दी गई थी. वहीं खोकन दास नाम के एक हिंदू कारोबारी की भी भीड़ के हमले में गंभीर चोट लगने के बाद मौत हो गई थी. इन घटनाओं के बीच राणा प्रताप बैरागी की हत्या ने एक बार फिर बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.