scorecardresearch
 

अमेरिका देगा ऐसा घातक हथियार, रूस से जंग में खेल पलट देगा यूक्रेन!

रूस से जंग लड़ रहे यूक्रेन को अमेरिका एक घातक हथियार देने की तैयारी में है. इस हथियार के जरिए यूक्रेन रूस को हर हमले का मुंहतोड़ जवाब दे सकता है. कहा जा रहा है कि अमेरिका यह हथियार 2023 के शुरुआती दिनों में ही यूक्रेन को दे सकता है. हालांकि, अभी इसे लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

Advertisement
X
वोलोडिमीर जेलेंस्की (फोटोः रायटर्स)
वोलोडिमीर जेलेंस्की (फोटोः रायटर्स)

रूस से युद्ध लड़ रहे यूक्रेन को अमेरिका एक बड़ा हथियार देने की तैयारी कर रहा है. यह हथियार 150 KM की रेंज से ना सिर्फ हमला कर सकता है बल्कि काउंटर अटैक में भी सक्षम है. खास बात है कि इसकी रेंज की वजह से अब यूक्रेन रूस के बॉर्डर से थोड़ी दूरी से भी हमला कर सकता है. यूक्रेन ने हाल ही में मांग की थी कि जंग में रूस से सामना करने के लिए अमेरिका समेत पश्चिमी देश उसे पर्याप्त मात्रा में हथियार मुहैया कराएं.

न्यूज एजेंसी रायटर्स के अनुसार, अमेरिका यूक्रेन को सस्ते, छोटे और सटीक निशाने वाला रॉकेट हथियार देन पर विचार कर रहा है. इस हथियार की मदद से यूक्रेन रूसी बॉर्डर के नजदीक आए बिना रूस को निशाना बना सकता है. 

हथियारों का उत्पादन बढ़ाएगा अमेरिका

यूक्रेन-रूस में जारी जंग में हथियारों की बंपर जरूरत के कारण अमेरिका और अन्य पश्चिमी देश भी हथियार की कमी से जूझ रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, अमेरिका अब यूक्रेन को ग्राउंड लॉन्च स्मॉल डायमीटर बम (GLSDB) देने पर विचार कर रहा है. इस हथियार का निर्माण खास तौर पर यूक्रेन और अमेरिका के अन्य पूर्वी सहयोगी देशों के लिए ही किया गया है.

अमेरिकी सेना के प्रमुख हथियार खरीदकर्ता डौग बुश ने पिछले सप्ताह कहा था कि सेना 155 मिलीमीटर वाली आर्टिलरी गोले के निर्माण में तेजी लाने पर विचार कर रही है. फिलहाल इसे केवल सरकारी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में बनाने की अनुमति है.

Advertisement

अमेरिका ग्राउंड लॉन्च स्मॉल डायमीटर बम (GLSDB) की खासियत
GLSDB बम M26 रॉकेट मोटर और GBU-39 (एक छोटा डायमीटर बम) से मिलाकर बनाया गया है. ग्लोबल मार्केट वेबसाइट SAAB के अनुसार यह एक जीपीएस नियंत्रित (GPS-guided) बम है. यह किसी भी मौसम और किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक जैमर को भेदने में सक्षम है.

इस हथियार के जरिए बख्तरबंद वाहनों (हथियारों से लैस गाड़ियों) को भी आसानी से निशाना बनाया जा सकता है. GLSDB की मदद से यूक्रेन 94 मील यानी 150 किमी के रेंज तक हमले के साथ-साथ काउंटर एटैक भी कर सकता है. 

इसमें लगा GBU-39 इसके मुखौटे की तरह काम करता है. बहुत ही छोटा और पंख की तरह खुलने के कारण अगर इसे किसी एयरक्राफ्ट से गिराया जाए तो यह आसानी से 100 किलोमीटर दूर और 3 फीट छोटे व्यास वाली चीजें को निशाना बना सकता है. एक GBU-39 बम की कीमत लगभग 40,000 डॉलर है. GLSDB बम को SAAB AB और बोइंग कंपनी ने मिलकर बनाया है.

अमेरिका ने कहा यूक्रेन की हरसंभव मदद करेंगे
रायटर्स के अनुसार, अमेरिकी सेना पेंटागन के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कमांडर टिम गोर्मन ने यूक्रेन को दी जानी वाली इस मदद पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. लेकिन उन्होंने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश हर संभव और जरूरत के हिसाब से यूक्रेन की मदद करेंगे. दूसरी ओर इस हथियार का निर्माण करने वाली कंपनी बोइंग ने भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

Advertisement

पहले भी यूक्रेन की मदद कर चुका है US
इससे पहले भी अमेरिका कई बार यूक्रेन की मदद कर चुका है. सितंबर में अमेरिका ने रूस को अत्याधुनिक और घातक मिसाइल सिस्टम NASAM दिया था. यह मिसाइल रूसी ड्रोन्स, विमानों और क्रूज मिसाइल को नष्ट करने में सक्षम है. इस मिसाइल का पूरा नाम नेशनल नार्वेनियन एडवांस्ड सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम है. इसे नार्वे और अमेरिका ने मिलकर बनाया है.

 

Advertisement
Advertisement