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ईरान के साथ अरबों की डील करने की पाकिस्तान की खुशी पर एक ही दिन में लगा ग्रहण!

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी पाकिस्तान दौरे पर हैं जहां दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई है. दोनों देश पांच सालों में व्यापार को 10 अरब डॉलर तक ले जाने पर सहमत हुए हैं. विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए दोनों देशों के बीच 8 समझौते भी हुए हैं जिसे लेकर अमेरिका भड़क गया है.

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ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी पाकिस्तान दौरे पर हैं (Photo- AFP)
ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी पाकिस्तान दौरे पर हैं (Photo- AFP)

ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के पाकिस्तान दौरे में दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर 8 समझौते हुए और एक समझौता ज्ञापन साइन हुआ जिस पर अमेरिका भड़क गया है. अमेरिका ने मंगलवार को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के साथ समझौते कर पाकिस्तान प्रतिबंधों को न्योता दे रहा है. अमेरिका ने कहा है कि वो ईरान के साथ व्यापार समझौतों पर विचार करते हुए उसके प्रसार नेटवर्क में बाधा डालना और उसके खिलाफ कार्रवाई करना जारी रखेगा.

पाकिस्तान और ईरान के बीच सहयोग बढ़ाने को लेकर साइन किए गए एक समझौता ज्ञापन पर बोलते हुए पटेल ने कहा कि जो कोई भी ईरान के साथ व्यापारिक समझौतों पर आगे बढ़ने की सोचता है, उसे प्रतिबंधों के खतरे को लेकर भी जागरुक रहना चाहिए.

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय में ईरान की स्थिति के कारण प्रतिबंधों से ईरान-पाकिस्तान संबंध खतरे में पड़ सकते हैं.

पाकिस्तान के मिसाइल प्रोग्राम पर रोक को लेकर बोला अमेरिका?

अमेरिका ने हाल ही में पाकिस्तान के मिसाइल प्रोग्राम के लिए टेक्निकल सप्लाई कर रहे बेलारूस की एक कंपनी और चीन की तीन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया है. 

इन प्रतिबंधों पर जोर देते हुए अमेरिकी विदेश विभाग के प्रमुख डिप्टी प्रवक्ती वेदांत पटेल ने कहा, 'हम प्रसार नेटवर्क और बड़े पैमाने पर विनाशकारी हथियारों की खरीद को रोकने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई करना जारी रखेंगे, चाहे वो कोई भी हो. मुझे बस इतना कहना है कि मोटे तौर पर, हम ईरान के साथ व्यापारिक समझौते के बारे में सोचने वाले किसी भी व्यक्ति को प्रतिबंधों के संभावित खतरे को लेकर जागरुक रहने की सलाह देते हैं. लेकिन अंत में मैं यह कहना चाहूंगा कि पाकिस्तान की सरकार अपनी विदेश नीति के बारे में बात कर सकती है.'

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पाकिस्तान के मिसाइल प्रोग्राम को रोकने के पीछे के कारणों पर वेदांत पटेल ने कहा, 'प्रतिबंध इसलिए लगाए गए क्योंकि ये ऐसी कंपनियां थीं जो सामूहिक विनाश के हथियारों को दुनियाभर में फैलाने का साधन थीं. ये बेलारूस में, चीन में स्थित कंपनियां थीं और हमने देखा है कि उन्होंने पाकिस्तान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के लिए उपकरण और बाकी वस्तुओं की सप्लाई की थी.'

किन क्षेत्रों में सहयोग के लिए राजी हुए हैं ईरान-पाकिस्तान?

ईरान के राष्ट्रपति रईसी सोमवार को तीन दिवसीय दौरे पर पाकिस्तान पहुंचे. रईसी ने उसी दिन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाद शरीफ से द्विपक्षीय वार्ता की और एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया.

पाकिस्तान और ईरान आने वाले पांच सालों में द्विपक्षीय व्यापार को 10 अरब डॉलर तक बढ़ाने पर सहमत हुए और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर 8 समझौते और एक समझौता ज्ञापन साइन किया.

समझौते में पशु चिकित्सा और पशु स्वास्थ्य में सहयोग, नागरिक मामलों में न्यायिक सहायता और सुरक्षा मामले शामिल हैं.

पाकिस्तान के मिसाइल प्रोग्राम पर अमेरिका ने कसी नकेल

बीते सप्ताह अमेरिका ने सामूहिक विनाश के हथियारों के प्रसार और उनका वितरण करने वाली चार कंपनियों को नामित किया था. इन संस्थाओं ने पाकिस्तान के लंबी दूरी के मिसाइल कार्यक्रम सहित उसके बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के लिए उपकरण मुहैया कराए हैं.

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संस्थाओं में बेलारूस स्थित मिन्स्क व्हील ट्रैक्टर प्लांट शामिल है जिसने पाकिस्तान के लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के लिए विशेष वाहन चेसिस की आपूर्ति करने के लिए काम किया है.

जिन तीन चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनमें शीआन लॉन्गडे टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड, तियानजिन क्रिएटिव सोर्स इंटरनेशनल ट्रेड कंपनी लिमिटेड और ग्रैनपेक्ट कंपनी लिमिटेड शामिल हैं.

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