पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद अवैध कमीशन लौटाने का एक और मामला सामने आया है. इस बार मथाभंगा में, नगरपालिका के वार्ड नंबर 8 से टीएमसी पार्षद काकली घोष ने लाभार्थियों से लिया गया कमीशन लौटा दिया है. उन पर आम लोगों को डरा-धमकाकर और अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके अलग-अलग समय पर लाखों रुपये कमीशन के रूप में लेने के आरोप थे.
शुक्रवार रात को पार्षद ने उन चार लोगों को कुल 1 लाख रुपये लौटा दिए जिनसे रिश्वत ली गई थी. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मथाभंगा कस्बे के वार्ड नंबर 8 के पार्षद काकली घोष पर आवास योजना के तहत घर दिलाने और पारिवारिक विवादों को सुलझाने के बहाने धमकी देकर लाखों रुपये वसूलने का आरोप है.
हालांकि, इस पैसे की वापसी के संबंध में पार्षद काकली घोष ने दावा किया कि तृणमूल युवा कांग्रेस के नेता नयनज्योति साहा ने उनसे यह पैसा वसूला था और उनके नाम का इस्तेमाल करके उनसे जबरन वसूली भी की थी. शुक्रवार को उन्होंने फिलहाल 1 लाख रुपये लौटा दिए और आश्वासन दिया कि बाकी रकम भी किस्तों में लौटा दी जाएगी. राज्य में बदलते राजनीतिक परिदृश्य के बाद, टीएमसी नेताओं द्वारा इस तरह से रिश्वत की रकम लौटाने की लगातार घटनाओं ने इलाके में भारी हलचल मचा दी है.
इससे पहले दक्षिण 24 परगना के नामखाना में, TMC के एक स्थानीय नेता को निवासियों को पैसे लौटाते हुए देखा गया था. यह घटना तब हुई जब आरोप लगे कि PM आवास योजना के तहत घर दिलाने के बदले 45 लाभार्थियों में से हर एक से ₹5,000 लिए गए थे.