पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के तुरंत बाद नई बीजेपी सरकार ने तेज और आक्रामक शुरुआत की है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट बैठक में ममता बनर्जी शासनकाल के कई फैसलों पर CM अधिकारी की कलम तेजी से चली. ममता सरकार द्वारा नियुक्त कई रिटायर्ड IAS-IPS अधिकारियों को सरकारी दफ्तरों से बाहर करने का फैसला लिया गया, जबकि पुरानी नीतियों को पलटते हुए नई दिशा दी गई.
एक अहम फैसले में अधिकारी सरकार ने BSF को बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए 600 एकड़ जमीन तुरंत ट्रांसफर करने का फैसला किया है. इसके अलावा सरकार ने जनगणना शुरू करने, ममता काल की IAS-IPS ट्रेनिंग नीति को बदलने और भारतीय न्याय संहिता (BNS) को तुरंत लागू करने जैसे बड़े फैसले लिए.
नए CM शुभेंदु अधिकारी ने साफ संदेश दिया कि अफसरों को 'येस मैन' बनने की जरूरत नहीं है और वहीं करें जो ‘राष्ट्र और राज्य हित’ के लिए सर्वोपरि हो. दरअसल ममता राज के ‘मोहरों’ पर चल रही CM अधिकारी की कलम अब बदलाव की नई इबारत लिख रही है.
मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में सुशासन, सुरक्षा और डबल इंजन सरकार का नया सफर देश भर के दूसरे BJP शासित राज्यों में चले विकास के उसी रास्ते पर आगे बढ़ेगा.
आइए देखते हैं कि बंगाल सरकार ने सोमवार को पहली कैबिनेट में क्या क्या फैसले लिए.
1. बंगाल में आयुष्मान भारत योजना लागू की जाएगी. इसके साथ ही कई अन्य केंद्रीय कल्याणकारी परियोजनाएं भी इसमें शामिल होंगी. जैसे पीएम जन आरोग्य योजना, किसानों के लिए फसल बीमा देने वाली पीएम फसल बीमा योजना, सरकारी स्कूलों को अपग्रेड करने के लिए पीएम स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम एसएचआरआई) योजना, कारीगरों और शिल्पकारों की मदद करने वाली पीएम विश्वकर्मा योजना, महिलाओं की शिक्षा और सशक्तीकरण के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना और सब्सिडी वाले रसोई गैस कनेक्शन के लिए उज्ज्वला 3.0 योजना. ममता बनर्जी ने इन योजनाओं को राज्य में लागू नहीं किया था.
2. आज से बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) लागू हो जाएगा. सीएम ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने संविधान का उल्लंघन करते हुए बीएनएस लागू नहीं किया था. आईपीसी और सीआरपीसी पर ही काम हो रहा था.
3. भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए केंद्र को जमीन का ट्रांसफर प्रोसेस तुरंत शुरू होगा. कैबिनेट ने चीफ सेक्रेटरी और राज्य के लैंड और लैंड रेवेन्यू डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी को अगले 45 दिनों के अंदर प्रोसेस पूरा करने का अधिकार दिया है."
4. बीजेपी के जिन 321 कार्यकर्ताओं ने बंगाल में जान गंवाई, उनके परिवारों की पूरी जिम्मेदारी सरकार लेगी. बीजेपी का दावा है कि बंगाल में ममता सरकार के दौरान उसके 300 से ज्यादा कार्यकर्ताओं की राजनीतिक हिंसा में हत्या हुई.
5.पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य सरकार के अधीन गैर-सांविधिक निकायों, बोर्डों, संगठनों और सार्वजनिक उपक्रमों में नियुक्त सभी मनोनीत सदस्यों, निदेशकों और अध्यक्षों के कार्यकाल को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का निर्देश जारी किया. इसके साथ ही राज्य सरकार ने 60 वर्ष की सामान्य सेवानिवृत्ति आयु के बाद एक्सटेंशन या री-अपॉइंटमेंट पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं भी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है.
6. विधानसभा चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर रहे मनोज अग्रवाल को शुभेंदु अधिकारी की BJP सरकार में राज्य का नया चीफ सेक्रेटरी बनाया गया है. सोमवार को जारी एक ऑफिशियल ऑर्डर के मुताबिक वर्तमान चीफ सेक्रेटरी दुष्यंत नरियाला को नई दिल्ली में प्रिंसिपल रेजिडेंट कमिश्नर नियुक्त किया गया है. इसके अलावा एडमिनिस्ट्रेटिव सुधारों के तहत, राज्य के IAS अधिकारी अब दूसरे राज्यों की तरह केंद्र सरकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लेंगे.
7. पश्चिम बंगाल सरकार ने 1 जून से बसों में महिलाओं के लिए फ्री बस सेवा की शुरुआत की है. ये बीजेपी के चुनावी वादे का हिस्सा था.
8. CM शुभेंदु ने सरकारी नौकरी की परीक्षाओं में बैठने वाले उम्मीदवारों के लिए ऊपरी उम्र सीमा में पांच साल की छूट की घोषणा की है. इस घोषणा से अब जनरल कैटेगरी के आवेदकों को मौजूदा उम्र सीमा 40 से 45 साल तक की छूट मिलेगी, और SC, ST और OBC कैटेगरी के लोग मौजूदा उम्र सीमा 43 से 48 साल तक नौकरियों के लिए अप्लाई कर सकेंगे.
9. अधिकारी सरकार ने पश्चिम बंगाल में तुरंत जनगणना शुरू करने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार जनगणना प्रक्रिया के बारे में केंद्रीय गृह मंत्रालय के 16 जून, 2025 के निर्देश को लागू करने में नाकाम रही थी. मौजूदा सरकार ने पेंडिंग एडमिनिस्ट्रेटिव सर्कुलर को तुरंत लागू कर दिया है.
10. सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि उनकी सरकार ममता शासन की किसी भी योजना को बंद नहीं करेगी. हालांकि मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उन लोगों की पहचान करेंगे और उन्हें हटाएंगे जो इस देश के लोगों के लिए बनी वेलफेयर मदद पाने के हकदार नहीं हैं, जैसे मरे हुए लोग और गैर-भारतीय.
सीएम अधिकारी ने कहा कि यह सरकार घमंड पर नहीं चलेगी, बल्कि यह सरकार सिद्धांतों पर चलेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "डर बाहर, भरोसा अंदर" के संदेश का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नई सरकार पश्चिम बंगाल के लोगों की सुरक्षा, भरोसा और विकास पक्का करने के लिए पूरी तरह तैयार है.