बुधवार को रात के 11:05 बजे, जब मैं दिनभर काम करने के बाद होटल में सोने की तैयारी कर रहा था, तभी अचानक एक विश्वसनीय सूत्र की तरफ से मैसेज आया कि शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. यह मैसेज पढ़ते ही मेरी आंखों से नींद गायब हो गई. मैंने तुरंत अपने कैमरामैन से कहा कि कैमरा और माइक लेकर हमें तुरंत उस जगह के लिए निकलना है, जहां यह घटना हुई है.
11:15 बजे हम गाड़ी में थे. कोलकाता के न्यू टाउन से लगभग 45 मिनट की दूरी पर स्थित मध्यमग्राम के विवासिटी अस्पताल में चंद्रनाथ को ले जाया गया था. करीब रात 12 बजे हम वहां पहुंच चुके थे. अस्पताल पहुंचते ही हमने देखा कि चारों तरफ पुलिस की गाड़ियां मौजूद थीं. बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता वहां जमा थे. सभी के चेहरों पर गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था. हर कोई चंद्रनाथ की हत्या का बदला चाहता था.
हमारे पहुंचने से पहले ही शुभेंदु अधिकारी, सुकांत मजुमदार और बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता अस्पताल पहुंच चुके थे. एक तरफ जहां पार्टी के बड़े नेता अस्पताल के अंदर मौजूद थे, वहीं बाहर कार्यकर्ता लगातार हंगामा करते दिखाई दे रहे थे. कुछ देर बाद बीजेपी नेता अर्जुन सिंह बाहर आए. उन्होंने कहा कि यह एक प्री-प्लान्ड मर्डर है और इसके जरिए एक संदेश देने की कोशिश की गई है.
वहीं पास में एक स्कॉर्पियो गाड़ी खड़ी थी, जिस पर 'On Duty' लिखा हुआ था. सुरक्षाकर्मी उसे अस्पताल के ठीक सामने लेकर आए थे. इसी स्कॉर्पियो गाड़ी में चंद्रनाथ और उनके ड्राइवर सवार थे, जब उन पर ताबड़तोड़ गोलियों से हमला किया गया. गाड़ी के दोनों तरफ के शीशे पूरी तरह चकनाचूर हो चुके थे. ड्राइवर के बगल वाली सीट की खिड़की पर गोलियों के निशान साफ-साफ दिखाई दे रहे थे. इस गाड़ी को सुरक्षाकर्मियों ने चारों तरफ से घेर रखा था, ताकि जांच के दौरान हर पहलू को बारीकी से खंगाला जा सके.
लगभग आधे घंटे बाद शुभेंदु अधिकारी भी बाहर निकले. बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है और यह उनके लिए बहुत बड़ा व्यक्तिगत नुकसान है. साथ ही उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील भी की. थोड़ी देर बाद, जब माहौल कुछ शांत हुआ, तब हम उस जगह पर पहुंचे जहां चंद्रनाथ रथ को गोली मारी गई थी. यह जगह विवासिटी अस्पताल से लगभग एक किलोमीटर दूर और चंद्रनाथ के घर से महज 50 मीटर की दूरी पर थी.
वहां मौजूद लोगों से पता चला कि रात करीब 10:10 बजे चंद्रनाथ अपने घर लौट रहे थे. उस समय मूसलाधार बारिश हो रही थी, तेज हवाएं चल रही थीं. जैसे ही वह अपने घर पहुंचने वाले थे, तभी 50 मीटर पहले एक गाड़ी ने उनका रास्ता रोक लिया.बताया गया कि रास्ता रोकने के लिए उस गाड़ी ने बीच सड़क पर यू-टर्न लेने का बहाना बनाया, जिससे आगे जाने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया. तभी अचानक बाइक सवार दो लोग चंद्रनाथ की गाड़ी की तरफ बढ़े और ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं.
घटनास्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था. वहीं वह गाड़ी भी मौजूद थी, जिसने चंद्रनाथ का रास्ता ब्लॉक किया था. फॉरेंसिक टीम के अधिकारी गाड़ी के अंदर मौजूद हर सामान के सैंपल इकट्ठा कर रहे थे.हाथों में ग्लव्स पहने अधिकारी गाड़ी का हैंडल, स्टीयरिंग, सीट और अंदर मौजूद हर वस्तु की जांच कर रहे थे. चारों तरफ पुलिस की बैरिकेडिंग लगा दी गई थी, ताकि कोई आम नागरिक उस गाड़ी के करीब न जा सके. कुछ पुलिस अधिकारी लगातार गाड़ी के अंदर मौजूद सामानों की तस्वीरें भी ले रहे थे.करीब 10 मीटर दूर स्कॉर्पियो गाड़ी के शीशे का एक टुकड़ा जमीन पर पड़ा हुआ था, जो पूरी तरह चकनाचूर हो चुका था.
थोड़ा आगे कोलकाता फॉरेंसिक टीम की एक गाड़ी खड़ी थी, जिसमें एक्सपर्ट्स इकट्ठा किए गए सैंपल्स को सुरक्षित रख रहे थे. इसी दौरान कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और जांच की प्रगति को लेकर अपडेट लिया. कुछ देर बाद पुलिस अधिकारियों ने आसपास लगे सभी CCTV कैमरों की हार्ड डिस्क भी जब्त कर ली, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पूरे इलाके की रेकी कैसे की गई थी और हमलावरों ने वारदात के लिए रात 10:10 बजे का समय ही क्यों चुना.