मदनी ने अपने बयानों से 2024 में धर्म के मुद्दे को बढ़ा दिया है तो उधर समाजवादी पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य भी आने वाले चुनावों को लेकर धर्म के विरुद्ध राग छेड़े हुए हैं. मौर्य एक के बाद एक विवादित बयान दे रहे हैं, राम चरित मानस, तुलसीदास, हिंदू धर्म और अब संतों महंतों पर टिप्पणी की है.