
कानपुर में रविवार शाम बंशीधर टोबैको ग्रुप के डायरेक्टर शिवम मिश्रा की तेज रफ्तार लैंबोर्गिनी ने बाइक और ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे के बाद कानपुर के इस बड़े कारोबारी परिवार का नाम एक बार फिर चर्चा में है. केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा इस लग्जरी कार को कथित तौर पर चला रहे थे और हादसे के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, जबकि आरोपी का नाम एफआईआर से गायब होने के आरोपों ने इस मामले को और अधिक गरमा दिया है.
90 साल पुराना तंबाकू कारोबार
शिवम मिश्रा के पिता केके मिश्रा कानपुर के प्रतिष्ठित बंशीधर टोबैको ग्रुप के मालिक हैं. करीब 90 साल पहले स्थापित यह कंपनी देश के बड़े पान मसाला ब्रांड्स को कच्चा माल सप्लाई करती है. इनका कारोबारी नेटवर्क यूपी से लेकर दिल्ली, गुजरात और मुंबई तक फैला हुआ है.
शिवम मिश्रा कंपनी में डायरेक्टर के पद पर हैं और मैन्युफैक्चरिंग से लेकर फाइनेंस तक के सभी बड़े फैसले वही लेते हैं. दिल्ली के वसंत विहार और कानपुर में रहने वाले शिवम ने ही पारिवारिक बिजनेस के राष्ट्रीय विस्तार में मुख्य भूमिका निभाई है.
इनकम टैक्स रेड और विवादों से नाता
मार्च 2024 में यह परिवार तब चर्चा में आया था जब आयकर विभाग ने इनके 20 ठिकानों पर छापेमारी की थी. जांच में करोड़ों की टैक्स चोरी और बेहिसाब संपत्ति का पता चला था. रेड के दौरान दिल्ली वाले घर से भारी नकदी और डायमंड घड़ियां मिली थीं. उस वक्त एक बड़ा विवाद तब हुआ जब अधिकारियों पर कथित तौर पर पिस्टल तानने की बात सामने आई थी. इन घटनाओं ने शिवम मिश्रा को रातों-रात देशभर में चर्चित कर दिया था और अब लैंबोर्गिनी हादसे ने उनके नाम को फिर विवादों में ला दिया है.

सुपर लग्जरी कारों और घड़ियों का शौक
शिवम मिश्रा अपनी रईसी और बेहद महंगे शौक के लिए जाने जाते हैं. उनके पास दुनिया की सबसे महंगी कारों का कलेक्शन है, जिसमें रोल्स रॉयस, लैंबॉर्गिनी, फेरारी, मैकलेरन और पोर्श जैसी गाड़ियां शामिल हैं. कारों के अलावा वे करोड़ों रुपये की ब्रांडेड और डायमंड घड़ियों के भी शौकीन हैं. यही आलीशान लाइफस्टाइल अक्सर उन्हें चर्चा का केंद्र बनाए रखती है. रविवार को हुई दुर्घटना के बाद उनके इसी रसूख और पुलिस द्वारा दिए जा रहे कथित 'वीआईपी ट्रीटमेंट' की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं.
हादसे के बाद उठते गंभीर सवाल
हादसे में कई लोगों के घायल होने के बावजूद एफआईआर में शिवम मिश्रा का नाम शामिल न होने पर पीड़ित पक्ष और जनता में भारी रोष है. वायरल वीडियो में पुलिस कार को ढकती नजर आई, जिससे आरोपों को और बल मिला है. 90 साल पुराने औद्योगिक घराने की साख पर इस घटना ने गहरा धक्का लगाया है. फिलहाल, बंशीधर टोबैको ग्रुप और शिवम मिश्रा एक बार फिर जांच एजेंसियों और जनता के निशाने पर हैं.