वाराणसी के शिवाला घाट पर गंगा स्नान के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया. स्नान करते समय एक दर्जन से अधिक श्रद्धालु गहरे पानी में चले गए, जिनमें एक पुरुष और दो महिलाएं डूबने लगीं. मौके पर मौजूद नाविकों ने तत्परता दिखाते हुए गंगा में छलांग लगाकर तीनों श्रद्धालुओं की जान बचा ली. समय रहते हुए इस साहसिक प्रयास से बड़ा हादसा टल गया. सभी श्रद्धालु काशी तीर्थयात्रा पर आए हुए थे और गंगा स्नान कर रहे थे.
बताया गया कि आंध्र प्रदेश से आए 15 तीर्थयात्रियों का एक दल गंगा स्नान के दौरान अचानक गहरे पानी में चला गया. जैसे ही डूबने की स्थिति बनी, घाट पर चीख-पुकार मच गई. आसपास मौजूद नाविकों ने बिना समय गंवाए बचाव कार्य शुरू कर दिया.
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घाट के पास मौजूद नाविकों के साथ ही वहां से गुजर रही एक नाव पर सवार नाविकों ने भी गंगा में छलांग लगाकर राहत कार्य में मदद की. उन्होंने एक-एक कर दो महिलाओं और एक पुरुष को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
नाविकों की बहादुरी से बची जान
डूबने से बचाए गए श्रद्धालुओं की पहचान एसवी पांडा, अनुषा प्रिया और चिन्नी पैरों के रूप में हुई है. नाविकों ने तीनों को सुरक्षित घाट किनारे पहुंचाया, जिसके बाद राहत की सांस ली गई.
इस बचाव अभियान में दिलीप साहनी, भुवाल साहनी और सुरेश मांझी की अहम भूमिका रही. उनकी तत्परता और साहस की वजह से संभावित बड़ा हादसा टल गया.
जल पुलिस पर उठे सवाल
घटना के दौरान वाराणसी जल पुलिस की तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए. बताया गया कि काफी देर तक संबंधित थाना और चौकी पुलिस को घटना की जानकारी तक नहीं थी.
स्थिति पूरी तरह सामान्य होने के बाद ही पुलिस मौके पर पहुंची. इस घटना के बाद घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है.