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28 करोड़ की प्रॉपर्टी कुर्क... कफ सिरप कांड के आरोपी शुभम जायसवाल के पिता पर एक्शन

वाराणसी में कोडीन आधारित कफ सिरप तस्करी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. मुख्य आरोपी के पिता की करीब 28 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कर ली गईं. शहर के कई इलाकों में की गई कार्रवाई में फर्जी ई-वे बिल और अवैध बिक्री से अर्जित कमाई से बनी संपत्तियों को चिह्नित किया और कुर्क कर लिया गया. मुख्य आरोपी अभी फरार है, उसकी तलाश जारी है.

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कफ सिरप कांड के आरोपी के पिता पर एक्शन. (File Photo: ITG)
कफ सिरप कांड के आरोपी के पिता पर एक्शन. (File Photo: ITG)

यूपी के वाराणसी में कोडीन आधारित कफ सिरप मामले में पुलिस ने कड़ा एक्शन लेते हुए मुख्य आरोपी के पिता की करीब 28 करोड़ की संपत्ति कुर्क की है. यह कार्रवाई शहर के कई प्रमुख इलाकों में की गई. पुलिस का कहना है कि अवैध तरीके से कमाई गई रकम को अचल संपत्तियों में इनवेस्ट किया गया था, जिसकी जांच के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर संपत्ति जब्ती का आदेश हुआ था.

एजेंसी के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (काशी) के निर्देश पर की गई. जिन इलाकों में संपत्तियां अटैच की गई हैं, उनमें भेलूपुर, लल्लापुरा, जगतगंज, शिवपुर और मदौली जैसे क्षेत्र शामिल हैं. ये संपत्तियां भोला प्रसाद जायसवाल के नाम पर बताई गई हैं, जो इस पूरे कफ सिरप तस्करी नेटवर्क के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के पिता हैं. शुभम फिलहाल फरार चल रहा है. पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है.

जांच एजेंसियों के मुताबिक, भोला प्रसाद जायसवाल रांची में शैली ट्रेडर्स नाम से एक फर्म संचालित करता था. आरोप है कि इसी फर्म के जरिए बड़े पैमाने पर कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध सप्लाई का नेटवर्क चलाया जा रहा था. कफ सिरप को नशे के रूप में बेचने के लिए फर्जी और मनगढ़ंत ई-वे बिल तैयार किए जाते थे, ताकि माल की आवाजाही कागजों में वैध दिखे और जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके.

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यह भी पढ़ें: कोडिन सिरप तस्करी मामले में बड़ी कामयाबी, फरार शुभम जायसवाल का 'राइट हैंड' विकास सिंह नर्वे गिरफ्तार; इंडो-नेपाल बॉर्डर से दबोचा गया

पुलिस का कहना है कि तस्करी का यह नेटवर्क सिर्फ एक जिले तक सीमित नहीं था, बल्कि आसपास के क्षेत्रों तक फैला हुआ था. अवैध बिक्री से भारी मुनाफा कमाया गया और उसी रकम को जमीन, मकान और अन्य अचल संपत्तियों की खरीद में लगाया गया. वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की जांच के दौरान जब संपत्तियों और अवैध कमाई के बीच कनेक्शन मिला, तब पुलिस ने कोर्ट में जब्ती की कार्रवाई के लिए आवेदन किया.

कानूनी अनुमति मिलने के बाद अलग-अलग टीमों ने चिह्नित जगहों पर पहुंचकर संपत्तियों को अटैच किया. इस दौरान राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे. संपत्तियों पर नोटिस चस्पा किए गए और स्पष्ट किया गया कि बिना अनुमति इनका क्रय-विक्रय या हस्तांतरण नहीं किया जा सकता.

अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटांसेज (NDPS) एक्ट की धारा 26 के तहत केस दर्ज है. इसके अलावा अन्य धाराएं भी लगाई गई हैं. मामला कोतवाली थाने में दर्ज है. पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, सप्लाई चेन और वित्तीय साझेदारों की भी पड़ताल कर रही है.

जांच टीम अब बैंक खातों, लेनदेन के रिकॉर्ड, फर्म से जुड़े दस्तावेज और संपत्ति खरीद के स्रोत की गहराई से जांच कर रही है. आगे और संपत्तियों की पहचान हो सकती है. फरार मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल की गिरफ्तारी को लेकर भी कई टीमें काम कर रही हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है.

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