उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी स्मार्ट मीटरों को तत्काल प्रभाव से पोस्टपेड मोड में बदलने के आदेश दिए हैं. ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि अब प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था खत्म कर दी गई है. उपभोक्ताओं को हर महीने पोस्टपेड बिलिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. इस नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को हर महीने बिजली का बिल मिलेगा. सरकार ने तय किया है कि हर महीने की 10 तारीख तक बिल जारी कर दिया जाएगा.
ऊर्जा विभाग का कहना है कि इस फैसले से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, क्योंकि अब उन्हें बार-बार रिचार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. बिलिंग सिस्टम पहले की तरह ही जारी रहेगा, जिसमें उपभोक्ताओं को बिल भरने के लिए 15 दिन का समय मिलेगा. सरकार ने यह भी बताया कि अब सभी नए बिजली कनेक्शन भी सिर्फ पोस्टपेड मोड में ही दिए जाएंगे. पहले जो सुरक्षा राशि प्रीपेड सिस्टम में एडजस्ट होती थी, उसे अब चार आसान किस्तों में बिल में जोड़ा जाएगा.
अगर किसी उपभोक्ता का मोबाइल नंबर सिस्टम में सही नहीं है, तो उसे ठीक करने के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे. यह कैंप 15 मई 2026 से 30 जून 2026 तक सभी अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी ऑफिस में विशेष कैंप लगेंगे. इसके अलावा, उपभोक्ता अपना बिल एसएमएस, वॉट्सएप और 1912 हेल्पलाइन के जरिए भी देख सकेंगे. सरकार ने यह भी व्यवस्था की है कि अगर किसी उपभोक्ता पर पुराना बकाया है, तो उसे आसान किस्तों में भुगतान करने की सुविधा दी जाएगी.
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ऊर्जा मंत्री ने बताया कि 15 मई से 30 जून तक पूरे प्रदेश में विशेष कैंप लगाए जाएंगे, जहां स्मार्ट मीटर और बिल से जुड़ी शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाएगा. सरकार का कहना है कि यह फैसला उपभोक्ताओं की सुविधा और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए लिया गया है, जिससे बिजली व्यवस्था और आसान और बेहतर होगी.
विभाग के अनुसार, रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत लगाए गए सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड मोड में काम करेंगे. जून 2026 से उपभोक्ताओं को पोस्टपेड बिलिंग की सुविधा मिलने लगेगी. मई 2026 में इस्तेमाल की गई बिजली का बिल जून में जारी किया जाएगा.
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि स्मार्ट प्री-पेड व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं के बीच कई प्रकार की समस्याएं सामने आ रही थीं, जिनको देखते हुए यह फैसला लिया गया है. नई व्यवस्था के तहत पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम और केस्को कानपुर में यह सिस्टम लागू किया जाएगा. सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि जिन क्षेत्रों में नेटवर्क या तकनीकी कारणों से स्मार्ट मीटर की ऑटोमैटिक रीडिंग संभव नहीं होगी, वहां एएमआईएसपी एजेंसियों के जरिए मैनुअल रीडिंग ली जाएगी.
नई व्यवस्था में भुगतान के लिए 15 दिन का समय होगा, इसके बाद 7 दिन की डिस्कनेक्शन अवधि होगी. समय पर बिल न भरने पर बिजली दरों के अनुसार लेट पेमेंट सरचार्ज भी लगेगा. सरकार ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए यह भी फैसला लिया है कि जिन घरेलू उपभोक्ताओं पर 30 अप्रैल 2026 तक बकाया बिजली बिल है, उन्हें 10 आसान किस्तों में भुगतान की सुविधा दी जाएगी. वहीं अन्य कैटेगरी के उपभोक्ता बकाया राशि तीन किस्तों में- 40 प्रतिशत, 30 प्रतिशत और 30 प्रतिशत के रूप में जमा कर सकेंगे.