भीषण गर्मी के बीच उत्तर प्रदेश में बिजली और पानी का संकट लगातार गहराता जा रहा है. राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में लोग घंटों की बिजली कटौती से परेशान हैं. हालात ऐसे हो गए हैं कि अस्पतालों तक में बिजली गुल हो रही है, जिससे मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है.
आजतक की टीम जब लखनऊ के दुबग्गा इलाके में पहुंची तो वहां बिजली संकट की गंभीर तस्वीर सामने आई. इलाके के एक निजी अस्पताल में बिजली न होने की वजह से एक्स-रे और स्कैन जैसी जरूरी सुविधाएं बंद पड़ी थीं. अस्पताल में भर्ती मरीज गर्मी और बीमारी, दोनों से जूझते नजर आए.
अस्पताल में मौजूद लोगों ने बताया कि यहां जनरेटर तो है, लेकिन लगातार चलने की वजह से वह भी खराब हो गया. अब उसकी मरम्मत का काम चल रहा है. मरीजों के परिजनों ने कहा कि पहले बीमारी की परेशानी थी, अब बिजली संकट ने हालात और बदतर कर दिए हैं. एक महिला ने बताया कि उनकी मां के घुटने टूट गए हैं, लेकिन बिजली न होने के कारण एक्स-रे तक नहीं हो पा रहा.
राजधानी लखनऊ में भी हो रही बिजली कटौती
अस्पताल परिसर में मौजूद मेडिकल स्टोर की हालत भी खराब थी. वहां इतनी रोशनी तक नहीं थी कि दवाइयों के नाम और साल्ट पढ़े जा सकें. अस्पताल प्रशासन भी लगातार बिजली कटौती से परेशान दिखाई दिया. दुबग्गा और आसपास के मोहल्लों में भी हालात बेहद खराब हैं. लोगों का कहना है कि पिछले दो दिनों से बिजली नहीं है. न ठीक से खाना बन पा रहा है और न ही लोग सो पा रहे हैं.
कई परिवारों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की हेल्पलाइन पर फोन करने पर नंबर स्विच ऑफ मिलता है या फिर अधिकारी उच्च स्तर पर बात करने की सलाह देकर जिम्मेदारी टाल देते हैं. दुबग्गा पावर हाउस के अंतर्गत आने वाले पारा इलाके की मॉडर्न पिंक सिटी कॉलोनी में स्थानीय लोगों ने चार दिनों से बिजली सप्लाई बाधित होने का आरोप लगाया है.
लगातार बिजली कटौती और पानी की किल्लत से नाराज लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर जाम खुलवाने की कोशिश की. इस बीच, सरोजनीनगर से विधायक राजेश्वर सिंह ने ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को पत्र लिखकर बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग की है.
उन्होंने बिजली प्रबंधन में सिंगापुर और अमेरिका मॉडल जैसे सुधारात्मक कदम अपनाने की सलाह दी है. इससे पहले विधायक नीरज बोरा भी बिजली संकट को लेकर सरकार को पत्र लिख चुके हैं. आजतक ने जब बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, तो वेबसाइट पर दर्ज कई नंबरों पर संपर्क नहीं हो सका. चेयरमैन कार्यालय का नंबर रजिस्टर्ड नहीं मिला, जबकि एमडी कार्यालय की ओर से ईमेल के जरिए अपॉइंटमेंट लेने की बात कही गई.
लखनऊ में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर
दरअसल, भीषण गर्मी के कारण लखनऊ में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. लखनऊ इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई एडमिनिस्ट्रेशन (LESA) के आंकड़ों के मुताबिक, 20 मई 2026 को शहर का अधिकतम पावर लोड 2137.31 MVA दर्ज किया गया, जो अब तक का रिकॉर्ड है. पिछले साल इसी दिन यह मांग 1850.51 MVA थी.
गोमतीनगर 220 केवी सब-स्टेशन पर सबसे ज्यादा 192.61 MVA का लोड दर्ज किया गया, जबकि कानपुर रोड और चिनहट सब-स्टेशन पर भी भारी दबाव देखने को मिला. बाराबंकी में भी बिजली मांग 338.62 MVA तक पहुंच गई है, जिससे साफ है कि प्रदेश का बिजली ढांचा बढ़ते तापमान और मांग के दबाव से जूझ रहा है.