अयोध्या के राम मंदिर में त्रिदिवसीय प्राण प्रतिष्ठा समारोह मंगलवार से विधिवत प्रारंभ हो गया. पहले दिन का अनुष्ठान प्रातः साढ़े छह बजे यज्ञमंडप के बाहर पंचांग पूजन के साथ आरंभ हुआ, जो दो घंटे चला. इसके बाद नौ बजे यज्ञशाला में प्रवेश किया गया, जहां तीन घंटे तक दिगबन्धन, वास्तु पूजन, मंडप पूजन, प्रधान पूजन, अग्नि स्थापना और ग्रह स्थापन जैसे धार्मिक क्रियाकर्म सम्पन्न हुए.
दोपहर दो बजे से योगिनी पूजन, क्षेत्रपाल पूजन, ग्रह यज्ञ, आह्वानित देवताओं का हवन, कर्मकुटी और जलाधिवास का अनुष्ठान किया गया. यज्ञशाला में कुल नौ यज्ञकुंड बनाए गए हैं और जाप व पाठों के लिए कुल 16 ऋत्विक नियुक्त किए गए हैं. बुधवार को देवताओं का पूजन, अन्नाधिवास, हवन, देव स्नान, प्रसाद स्नान, शिखर स्नान, नगर भ्रमण, शैय्याधिवास और न्यास जैसी विधियां सम्पन्न होंगी.
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मुख्य आयोजन 5 जून को होगा, जब राम दरबार की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी. इस दिन विशेष पूजन, आरती और भोग के अनुष्ठान किए जाएंगे. मंदिर के परकोटे में बने 21 छोटे मंदिरों में देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित की जा चुकी हैं. यह पूरा कार्यक्रम पूर्णतः निजी रहेगा, जिसमें आम श्रद्धालुओं को आमंत्रित नहीं किया गया है.