UP News: इटावा के भरथना तहसील स्थित दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम कार्यालय पर गुरुवार को परिजनों ने एक चाय विक्रेता का शव रखकर जोरदार हंगामा किया. दरअसल, महावीर नगर निवासी 55 वर्षीय शिवपाल सिंह की तीन महीने का 1.60 लाख रुपये का बिजली बिल आने के बाद सदमे से हार्ट अटैक के कारण मौत हो गई थी.
उनके घर में एयर कंडीशन या कूलर जैसा कोई बड़ा उपकरण नहीं था, फिर भी स्मार्ट मीटर लगने के बाद इतना अधिक बिल आया. शिवपाल लगातार बिजली विभाग के चक्कर काट रहे थे, लेकिन समाधान न होने और मानसिक तनाव बढ़ने के कारण उन्हें अटैक आ गया. पुलिस और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ.
बेटी का आरोप: रिश्वतखोरी और लापरवाही ने मारा
मृतक की बेटी राखी ने बताया कि घर में बिजली की कोई बड़ी खपत नहीं है, फिर भी स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिल गलत आ रहा था. उसके पिता हाथठेला पर चाय बेचकर घर चलाते थे और काम छोड़कर ऑफिस के चक्कर काट रहे थे.
आरोप है कि विभाग के कर्मचारी सुनवाई के बजाय रिश्वत की मांग कर रहे थे. लगातार मिल रही प्रताड़ना और आर्थिक बोझ की चिंता ने शिवपाल को इतना तनाव दिया कि उनकी जान चली गई. परिजनों का कहना है कि मौत के बाद अधिकारी दफ्तर में ताला लगाकर भाग गए.
विभाग ने मानी तकनीकी खामी की बात
मामले को बढ़ता देख बिजली विभाग के एसडीओ दिलीप साहू ने सफाई दी है. उन्होंने स्वीकार किया कि स्मार्ट मीटर में किसी तकनीकी गड़बड़ी या पुरानी रीडिंग की वजह से इतना अधिक बिल आया होगा. विभाग अब इस तकनीकी खामी की जांच करने की बात कह रहा है. हालांकि, परिजनों की मांग है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों पर केस दर्ज करने की मांग पर अड़ी है.