पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार एक बार फिर कानूनी और राजनीतिक मोर्चे पर घिर गई है. मालदा में 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' यानी SIR के काम में लगे सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है. कोर्ट ने इसे न्यायपालिका की गरिमा पर हमला मानते हुए राज्य के मुख्य सचिव और गृह सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट के इस कड़े रुख का स्वागत करते हुए बीजेपी सांसद रवि किशन ने बंगाल सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए.
रवि किशन ने कहा, "मैं माननीय सुप्रीम कोर्ट को दिल से धन्यवाद देता हूं, क्योंकि पिछले चुनाव में भी, पिछले दो चुनावों से जब भी मैं प्रचार में जा रहा था, तो मेरी सुरक्षा मुझे वहां नहीं दी जाती थी. एक सुरक्षा कर्मी भी हमें दिया था, वो दुबला-पतला सा था, उनकी सुरक्षा हमें करनी पड़ती थी."
BJP सांसद ने आरोप लगाया कि वहां स्थिति ऐसी है कि भीड़ कभी भी हमला कर सकती है और किसी की भी हत्या हो सकती है. कई सौ भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या अभी तक कोलकाता में हो चुकी है.
बकौल रवि किशन, ''मैं आप लोगों के माध्यम से बता देना चाहता हूं कि दीदी चुनाव हार रही हैं, भाजपा सरकार बना रही है. आप चाहे हमारे कार्यकर्ताओं पर कितना भी जुल्म कर लो.''
हेमा मालिनी के कार्यक्रमों को रोका गया'
रवि किशन ने आरोप लगाया कि बंगाल सरकार सिर्फ बीजेपी नेताओं ही नहीं, बल्कि कलाकारों को भी निशाना बना रही है. उन्होंने कहा, "हमारी सीनियर कलाकार हेमा मालिनी जी के 'कृष्ण लीला' और क्लासिकल प्रोग्राम्स को अनुमति नहीं दी जाती. यह सरकार डरी हुई है, इसलिए वह ओछी मानसिकता पर उतर आई है." देखें VIDEO:-
वोटर बैंक और हिंसा का आरोप
सांसद ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने बांग्लादेशी घुसपैठियों को अपना वोट बैंक बनाया है और बम फेंककर लोगों को डराने की राजनीति की है. उन्होंने दावा किया कि यूपी और बिहार के लोग जो वहां रहते हैं, उन्हें वोट न देने के लिए धमकाया जाता है, लेकिन अब इस आतंक का अंत होने वाला है और बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने जा रही है.