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संभल के स्कूल में 'मजहबी क्लास': हिंदू बेटियों पर हिजाब का दबाव, बेटों को पहनाई टोपी; 3 टीचर सस्पेंड

संभल में पीएम श्री सरकारी स्कूल के भीतर हिंदू बच्चों को इस्लामिक टोपी और हिजाब पहनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. डीएम के निर्देश पर दो मुस्लिम शिक्षकों और जानकारी छिपाने वाले प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया गया है. पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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संभल के पीएम श्री सरकारी स्कूल में हिंदू छात्रों को बरगलाने का आरोप (Photo- ITG)
संभल के पीएम श्री सरकारी स्कूल में हिंदू छात्रों को बरगलाने का आरोप (Photo- ITG)

उत्तर प्रदेश के संभल जिले के जालब सराय स्थित पीएम श्री सरकारी स्कूल में मुस्लिम शिक्षकों द्वारा मजहबी गतिविधियां चलाने का गंभीर मामला सामने आया है. आरोपी शिक्षक अंजर अहमद और मोहम्मद गुल एजाज ने हिंदू छात्राओं को जबरन हिजाब पहनाने, सजदा कराने और छात्रों को इस्लामिक टोपी पहनकर आने के लिए प्रोत्साहित किया. फरवरी से चल रही इन गतिविधियों का वीडियो वायरल होने के बाद जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने कार्रवाई करते हुए दोनों शिक्षकों सहित प्रभारी प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया. वहीं खंड शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने नखासा थाने में आरोपी शिक्षकों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. 

मजहबी उन्माद और हिजाब का दबाव

जांच रिपोर्ट के अनुसार, नखासा थाना क्षेत्र के जालब सराय स्कूल में तैनात शिक्षक अंजर अहमद और मोहम्मद गुल एजाज लंबे समय से विद्यालय में मजहबी शिक्षा को बढ़ावा दे रहे थे. इन शिक्षकों ने न केवल बच्चों से इस्लामिक प्रार्थना कराई, बल्कि हिंदू बच्चियों को हिजाब पहनने और सजदा करने के लिए मजबूर किया. आरोपी शिक्षक छात्रों पर इस्लामिक टोपी पहनकर स्कूल आने का दबाव भी बनाते थे. इसके अलावा, स्कूल परिसर में अन्य धर्मों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की जाती थीं, जिससे धार्मिक असहिष्णुता का माहौल पैदा हो गया था.

प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 3 शिक्षक निलंबित

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम अंकित खंडेलवाल ने एबीएसए (खंड शिक्षा अधिकारी) से जांच कराई. जांच में छात्र-छात्राओं ने पुष्टि की कि विद्यालय में काफी समय से इस्लामिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं. 

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इस रिपोर्ट के आधार पर बेसिक शिक्षा अधिकारी अल्का शर्मा ने मुख्य आरोपी अंजर अहमद और मोहम्मद गुल एजाज को सस्पेंड कर दिया. साथ ही, प्रभारी प्रधानाध्यापक बालेश कुमार को भी इन गतिविधियों की जानकारी उच्चाधिकारियों से छिपाने और लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है.

जांच कमेटी का गठन और FIR दर्ज

प्रशासन ने इस मामले में कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. खंड शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने दोनों मुस्लिम शिक्षकों के खिलाफ बीएनएस की धारा 353(2) और 61(2) के तहत एफआईआर दर्ज की है. डीएम ने इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है. यह कमेटी जांच करेगी कि इस मजहबी एजेंडे के पीछे और कौन-कौन शामिल है. डीएम ने सख्त चेतावनी दी है कि शिक्षा के स्तर से समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.

संभल में पहले भी सामने आए ऐसे मामले

संभल के सरकारी स्कूलों में मजहबी कट्टरता फैलाने का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले 6 फरवरी को चंदौसी तहसील के नगला पूर्वा गांव के एक स्कूल में कुरान की आयतें लिखी हुई मिली थीं. उस समय भी विश्व हिंदू परिषद ने 'शिक्षा जेहाद' का आरोप लगाकर भारी हंगामा किया था, जिसके बाद हेड मास्टर और शिक्षकों पर गाज गिरी थी. ताजा मामले में वायरल वीडियो और फोटो ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में ऐसी गतिविधियां कैसे पनप रही हैं.

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