
संभल के मेहराना गांव में मंगलवार को नायब तहसीलदार बबलू कुमार के नेतृत्व में राजस्व टीम ने 70 बीघा सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटवाया. ग्रामीण रविराज की शिकायत पर एसडीएम निधि पटेल ने जांच के आदेश दिए थे. पैमाइश के दौरान 40 बीघा भूमि पर अवैध खेती और 15 बीघा पर एक दर्जन से अधिक पक्के मकान बने मिले. प्रशासन ने तत्काल ट्रैक्टर चलवाकर पशुचर और खलिहान की भूमि पर बोई गई गेहूं की फसल को नष्ट कर दिया. पुलिस और रैपिड रिएक्शन फोर्स की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई से पूरे गांव में हड़कंप मच गया.
खेती पर चला ट्रैक्टर, मकानों पर लटकी तलवार
राजस्व विभाग की पैमाइश में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि सरकारी कागजों में दर्ज खलिहान और पशुचर की जमीन पर सालों से निजी खेती की जा रही थी. नायब तहसीलदार ने मौके पर ही ट्रैक्टर मंगवाकर करीब 35 से 40 बीघा में खड़ी फसल को जुतवा दिया.

हालांकि, 15 बीघा जमीन पर बने पक्के मकानों को फिलहाल ढाया नहीं गया है. प्रशासन ने इन सभी मकानों को चिन्हित कर लिया है और अब इनके मालिकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा.
शिकायत के बाद प्रशासन की बड़ी घेराबंदी
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए दो कानूनगो और आठ लेखपालों की विशेष टीम गठित की गई थी. शिकायतकर्ता रविराज का कहना था कि सरकारी जमीन का बंदरबांट कर अवैध कब्जे किए गए हैं. नायब तहसीलदार बबलू कुमार ने स्पष्ट किया कि पक्के मकानों की रिपोर्ट तहसीलदार को सौंपी जाएगी और विधिक सुनवाई के बाद बेदखली की प्रक्रिया शुरू होगी. गांव में पैमाइश के दौरान ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा रही, जिसे देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे.