उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के गंगोह क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध मौत के बाद बड़ा बवाल खड़ा हो गया. गांव कलालहटी में उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस को जलती हुई चिता बुझवाकर शव के अवशेष कब्जे में लेने पड़े. मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए हत्या करने और सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप लगाया है. मृतका की पहचान 28 साल की सोनिका के तौर पर हुई है. सोनिका की शादी वर्ष 2017 में अमित शर्मा के साथ हुई थी. उसके दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी उम्र करीब 7 और 5 साल बताई जा रही है.
जानकारी के अनुसार 14 मई 2026 को सोनिका की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे जगदंबा अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पुलिस के मुताबिक ससुराल पक्ष का कहना है कि उसने जहरीला पदार्थ खा लिया था. हालत गंभीर होने पर उसे रेफर किया गया. बताया गया कि परिवार उसे करनाल लेकर जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई. इसी दौरान ससुराल पक्ष ने बिना मायके वालों को सूचना दिए गांव में ही अंतिम संस्कार शुरू कर दिया. जब इस बात की जानकारी मृतका के भाई हिमांशु को मिली तो वह तुरंत पुलिस के साथ श्मशान घाट पहुंचा. वहां चिता जल रही थी. पुलिस ने तुरंत फायर ब्रिगेड को बुलाकर आग बुझवाई और शव के अवशेष कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए.
जलती चिता से निकाला गया शव
घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई. लोग तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे. वहीं पुलिस और फील्ड यूनिट ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी. मृतका के भाई हिमांशु ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उसका कहना है कि सोनिका पिछले एक महीने से मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान थी. कुछ समय पहले भी उसके साथ मारपीट हुई थी, जिसके बाद वह अपनी बहन को मायके ले आया था. करीब 15 से 16 दिन तक वह मायके में रही, लेकिन बच्चों की वजह से वापस ससुराल चली गई.
हिमांशु के अनुसार ससुराल पक्ष लगातार दहेज की मांग करता था. हाल ही में सोफे की मांग की गई थी. उसने आरोप लगाया कि घटना वाले दिन भी उसकी बहन से सामान्य बातचीत हुई थी, लेकिन कुछ देर बाद सूचना मिली कि उसके साथ मारपीट की गई है और उसे जहर दिया गया है.
हिमांशु ने बताया कि जब उन्होंने बहन से बात कराने को कहा तो ससुराल वाले टालमटोल करते रहे. बाद में जानकारी मिली कि सोनिका की मौत हो चुकी है और अंतिम संस्कार भी शुरू कर दिया गया है. मृतका के भाई का आरोप है कि साक्ष्य मिटाने के इरादे से बिना मायके वालों को बताए चिता जला दी गई. उसने कहा कि शादी के बाद से ही दहेज को लेकर विवाद चलता आ रहा था. परिवार की ओर से फ्रिज और एलईडी टीवी जैसी मांगें भी पूरी की गई थीं, लेकिन इसके बावजूद उसकी बहन को प्रताड़ित किया जाता रहा.
पुलिस ने शव के अवशेष कब्जे में लिए
उसने बताया कि कई बार पंचायत भी हुई, लेकिन हालात नहीं बदले. आखिरकार बहन की मौत की खबर मिलने के बाद उसने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी. इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और चिता बुझवाकर शव अपने कब्जे में लिया. गंगोह के सीओ अशोक कुमार सिसोदिया ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी. फील्ड यूनिट ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और शव के अवशेष पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. दहेज हत्या, जहरीला पदार्थ और सबूत मिटाने जैसे सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है. घटना के बाद इलाके में दहेज प्रथा को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है.