उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर कालिदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद एक सभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत का नागरिक ही संविधान का असली संरक्षक है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि संवैधानिक मूल्यों को सही मायने में बनाए रखने के लिए हर संस्था, मंत्रालय और विभाग को लोगों के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए.
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गणतंत्र दिवस के अवसर पर भव्य और ऐतिहासिक आयोजन किया जा रहा है. इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता के साथ-साथ पहली बार देश के नौ राज्यों की विविध संस्कृतियों का संगम भी देखने को मिलेगा. ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ थीम पर आधारित इस विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम में असम, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार सहित अन्य राज्यों से आए 200 से अधिक कलाकार भाग लेंगे. इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अतिरिक्त विश्वविद्यालयों के एनसीसी कैडेट्स और सशस्त्र बलों व अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों का परेड संचालन होगा. विभिन्न विभागों की झांकियों के माध्यम से प्रदेश की विकास गाथा को प्रदर्शित किया जाएगा.
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छत्तीसगढ़, असम, बिहार समेत 9 राज्यों से आए कलाकार देंगे प्रस्तुतियां
गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी में विधान सभा, लोक भवन, जन भवन सहित सभी विभागीय इमारतों को तिरंगे की झालरों से सजाया गया है. इस वर्ष गणतंत्र दिवस कार्यक्रम की शुरुआत राज्यपाल द्वारा तिरंगा फहराने के साथ होगी. इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की जाएगी. ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की थीम पर आधारित इस आयोजन में पहली बार अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार सहित नौ राज्यों से आए 200 से अधिक कलाकार देश की सांस्कृतिक एकता का परिचय देंगे. प्रत्येक राज्य के कलाकार एक-दूसरे की संस्कृतियों पर आधारित प्रस्तुतियां देंगे, जो ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करेंगी.
स्थानीय कलाकार और स्कूली बच्चे करेंगे सांस्कृतिक कलाओं का प्रदर्शन
संस्कृति विभाग की ओर से प्रदेश के स्थानीय कलाकार भी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता का संदेश प्रसारित करेंगे. छात्र-छात्राएं देशभक्ति गीतों की धुन पर भारत की रंग-बिरंगी सांस्कृतिक छटा बिखेरेंगे. इस संबंध में शनिवार को विधान भवन के बाहर पूर्वाभ्यास भी किया गया, जिसमें प्रदेश भर से आए कलाकारों ने कतारबद्ध होकर अपनी प्रस्तुतियों को अंतिम रूप दिया. साथ ही विभिन्न स्कूलों से आईं 65 मार्चिंग टुकड़ियां भी परेड में भाग लेंगी. विभिन्न विभागों की सांस्कृतिक झांकियां निकाली जाएंगी, जो प्रदेश की विकास यात्रा को दर्शाएंगी. इनमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली झांकियों को पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे.
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सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों, यूपी पुलिस और एनसीसी कैडेटों की परेड का होगा संचालन
गणतंत्र दिवस समारोह में सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों, यूपी पुलिस तथा एनसीसी कैडेटों की परेड के माध्यम से एकता और अनुशासन का संदेश प्रसारित किया जाएगा. परेड संचालन में सशस्त्र बलों और एनसीसी कैडेट्स के साथ-साथ स्काउट्स एंड गाइड्स, प्रांतीय रक्षक दल, वन विभाग, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), होम गार्ड, आतंकवाद विरोधी दस्ता (एटीएस) तथा विभिन्न पुलिस इकाइयों की टुकड़ियां शामिल होंगी. परेड का मुख्य आकर्षण थंडरबोल्ट दल का प्रदर्शन होगा, जिसमें मोटरसाइकिलों पर सशस्त्र बलों के जवान अद्भुत संतुलन का प्रदर्शन करेंगे. परेड का मार्ग रविन्द्रालय, बाल संग्रहालय चारबाग से शुरू होकर विधानसभा मार्ग होते हुए केडी सिंह बाबू स्टेडियम तक होगा. इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा रूट डायवर्जन भी किया गया है. गणतंत्र दिवस समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहेंगे.
उत्तर प्रदेश की प्रसिद्ध हस्तियों को पद्म पुरस्कार से किया जाएगा सम्मानित
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर गृह मंत्रालय द्वारा पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई है, जिसमें उत्तर प्रदेश से सुश्री एन. राजम को कला क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए पद्म विभूषण से सम्मानित किया जा रहा है, जबकि अन्य हस्तियों को विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियों के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा. पद्मश्री से सम्मानित होने वालों में कला क्षेत्र से अनिल कुमार रस्तोगी व चिरंजी लाल यादव, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग क्षेत्र से अशोक कुमार सिंह, चिकित्सा क्षेत्र से केवल कृष्ण ठकराल, राजेंद्र प्रसाद व श्याम सुंदर, साहित्य एवं शिक्षा क्षेत्र से सुश्री मंगला कपूर, खेल क्षेत्र से प्रवीन कुमार, कृषि क्षेत्र से रघुपत सिंह (मरणोपरांत) और पुरातत्व क्षेत्र से बुद्ध रश्मि मणि शामिल हैं. इन हस्तियों ने विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धियां हासिल कर उत्तर प्रदेश का मान राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है. इन हस्तियों को पद्म सम्मान मिलना पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है.
योगी के संबोधन की बड़ी बातें
योगी ने महात्मा गांधी, संविधान सभा के अध्यक्ष और भारत के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद, संविधान के मुख्य वास्तुकार बी आर अंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल और नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि संविधान एक पवित्र दस्तावेज है जिसे अनगिनत ज्ञात और अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों से आकार मिला है.
भारत को 15 अगस्त, 1947 को आज़ादी मिली थी, लेकिन संविधान सभा पहले ही गठित हो चुकी थी और संविधान 24 नवंबर, 1949 को अपनाया गया था. जिसे अब संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है. जब भी संविधान की मूल भावना का अनादर किया जाता है, तो यह न केवल संविधान का अपमान है, बल्कि उन महान हस्तियों का भी अपमान है जिनके बलिदानों ने देश की आज़ादी सुनिश्चित की.
मुख्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि संविधान देश को व्यक्तियों के रूप में नहीं, बल्कि एक सामूहिक रूप में बांधता है और न्याय, समानता, भाईचारा और एकता को बनाए रखने की प्रेरणा देता है. कोई भी व्यक्ति संविधान, व्यवस्था या कानून के शासन से ऊपर होने का दावा नहीं कर सकता.
'विकसित भारत' के विज़न का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तब हासिल होगा, जब विकास गांवों से शुरू होकर समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े आखिरी व्यक्ति तक पहुंचेगा. अगर जाति, धर्म, क्षेत्र या भाषा के आधार पर बिना किसी भेदभाव के न्याय सुनिश्चित किया जाता है और आपसी सद्भाव व भाईचारे की भावना को मजबूत किया जाता है, तो कोई भी ताकत भारत को एक विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा से नहीं रोक सकती.