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बाहुबली के आगे बौने हुए नियम? मैहर के मां शारदा दरबार में कुंडा विधायक राजा भैया के लिए टूटे नियम, गर्भ गृह में शस्त्र पूजा

UP के कद्दावर नेता और कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का मैहर (मध्यप्रदेश) प्रवास अब एक बड़े विवाद में तब्दील हो गया है. मां शारदा के दरबार में अस्त्र-शस्त्रों की पूजा के वीडियो ने मंदिर की सुरक्षा और VIP कल्चर पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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मैहर: मां शारदा के गर्भ गृह में राजा भैया की 'शस्त्र पूजा'
मैहर: मां शारदा के गर्भ गृह में राजा भैया की 'शस्त्र पूजा'

उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता और कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजाभैया एक बार फिर विवादों की सुर्खियों में हैं. अपने भाषण और बयानों में हमेश शस्त्र और शास्त्र की बात करने वाले राजा भैया का हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें राजाभैया मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध शारदा माता मंदिर के गर्भ गृह में शस्त्र पूजा करते नजर आ रहे हैं. यह घटना इसलिए चर्चा का विषय बनी हुई है क्योंकि मंदिर परिसर के भीतर अस्त्र-शस्त्र ले जाना और उनकी पूजा करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है.

दरअसल, राजाभैया बीते दिनों अपने समर्थकों के साथ मैहर स्थित मां शारदा के दर्शन करने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने न केवल माता के दर्शन किए, बल्कि मंदिर के सबसे संवेदनशील हिस्से यानी 'गर्भ गृह' में बैठकर अपने हथियारों की विधि-विधान से पूजा भी की. वीडियो में देखा जा सकता है कि मंदिर के पुजारी स्वयं उन्हें यह पूजा संपन्न करा रहे हैं.

मैहर का शारदा देवी मंदिर देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है, जहां प्रतिदिन हजारों और त्योहारों के समय लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं. मंदिर प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाते हैं और परिसर के अंदर किसी भी प्रकार के हथियार ले जाने पर सख्त पाबंदी है. देखें VIDEO:- 

ऐसे में एक 'बाहुबली' नेता द्वारा सरेआम हथियारों के साथ गर्भ गृह में प्रवेश करना और पूजा करना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है. 

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इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद आम श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में आक्रोश  है. लोगों का कहना है कि क्या नियम केवल आम जनता के लिए हैं? लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ताक पर रखकर एक रसूखदार नेता को हथियारों के साथ अंदर जाने की अनुमति कैसे मिली? वीडियो के सामने आने के बाद अब मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन की भूमिका भी संदेह के घेरे में है.

 सवाल यह भी उठ रहा है कि मंदिर के जिस पुजारी ने यह पूजा संपन्न कराई, क्या उन्हें नियमों की जानकारी नहीं थी? फिलहाल, इस मामले में मंदिर प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया पर लोग इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

वहीं यह घटना दर्शाती है कि कैसे सत्ता और बाहुबल के आगे कभी-कभी नियम-कानून भी बौने साबित हो जाते हैं. अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इस सुरक्षा चूक और नियम उल्लंघन पर कोई कड़ा कदम उठाता है या फिर सबकुछ यूँ ही नियम कायदों को ताक में रखकर चलता रहेगा .

मैहर शारदा प्रबंधक समिति की प्रशासक और SDM दिव्या पटेल ने फोन पर बातचीत के दौरान प्रथम दृष्टा तो मामले पर जांच कार्यवाही की बात की, लेकिन जब मामले पर फॉलोअप लेने की कोशिश की तो मीडिया का फोन उठाना ही बंद कर दिया.

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