यूपी के गोंडा जिले में पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने आठ दिवसीय 'राष्ट्र कथा' का आयोजन किया है. यह कथा 1 जनवरी 2026 को सद्गुरु ऋतेश्वर जी महाराज के सानिध्य में शुरू हुई. वैसे तो इसमें हर दिन हजारों की संख्या में भीड़ उमड़ रही है लेकिन बीते दिनों यहां पूर्वांचल के बाहुबलियों की मौजूदगी ने सबका ध्यान अपनी और खींचा. साथ ही इसको लेकर सियासी अटकलें भी तेज हो गई हैं.
आपको बता दें कि गोंडा के नवाबगंज स्थित नंदिनी निकेतन में 1 जनवरी 2026 से शुरू हुई राष्ट्र कथा के दौरान एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जब पूर्वांचल के कई कद्दावर नेता 'व्यासपीठ' पर नतमस्तक हुए. इस आयोजन के सूत्रधार पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह रहे, जिन्होंने अध्यात्म के बहाने पूर्वांचल की 'ताकत' को एक मंच पर ला खड़ा किया. इसमें जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह, चंदौली की सैयदराजा सीट से विधायक सुशील सिंह, पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह जैसे बड़े नाम शामिल थे.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बहुत सालों बाद पूर्वांचल के ये प्रभावशाली चेहरे एक जगह मौजूद हैं. जौनपुर के बाहुबली नेता धनंजय सिंह ने नंदिनी निकेतन पहुंचकर व्यासपीठ का आशीर्वाद लिया, जहां कैसरगंज सांसद करण भूषण सिंह उनके पैर छूते हुए भी नजर आए.
वहीं, बनारस क्षेत्र के चर्चित चेहरे बृजेश सिंह और उनके भतीजे व सैयदराजा से विधायक सुशील सिंह की मौजूदगी ने कार्यक्रम में सबका ध्यान खींचा. कार्यक्रम के दौरान बृजभूषण के दोनों बेटों ने मंच पर बृजेश सिंह के पैर छूकर आशीर्वाद लिया. मीडिया से बात करते हुए बृजेश ने कहा कि बृजभूषण सिंह से उनके संबंध 1988 से हैं.
सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म
बृजभूषण शरण सिंह की इस राष्ट्र कथा में नेताओं के जमावड़े को 2027 के विधानसभा, 2029 के लोकसभा चुनावों और प्रदेश की 'ठाकुर राजनीति' की लामबंदी से जोड़कर देखा जा रहा है. गोंडा में हुई इस मुलाकात ने पूर्वांचल और अवध की राजनीति में इन बड़े चेहरों की एकजुटता का भी संदेश दिया है.