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नोएडा में भी प्रदर्शनकारी किसान गिरफ्तार, दिल्ली कूच का किया था ऐलान

2 दिसंबर से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के किसान लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. मांगें पूरी नहीं होने पर किसानों ने दिल्ली कूच का ऐलान किया हुआ है. इसके मद्देनजर पूरे जिले में धारा 163 लागू की गई है. पुलिस प्रशासन ने ऐलान किया है कि जिले में ना तो कोई धरना प्रदर्शन होगा और ना ही कोई महापंचायत. ऐसा करने वाले दर्जनों किसानों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है.

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नोएडा के किसान भी प्रदर्शन कर रहे हैं (फाइल फोटो)
नोएडा के किसान भी प्रदर्शन कर रहे हैं (फाइल फोटो)

दिल्ली कूच के ऐलान को लेकर ग्रेटर नोएडा में भी किसानों को गिरफ्तार किया गया है. नोएडा पुलिस ने किसान नेता रूपेश वर्मा और विकास प्रधान को भी गिरफ्तार कर लिया है. इन्होंने वीडियो जारी कर दिल्ली कूच का ऐलान किया था. उधर, स्थिति को देखते हुए ग्रेटर नोएडा को छावनी में तब्दील किया गया है और चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात है. इसके साथ ही सीआरपीएफ और पीएसी भी तैनात की गई है.

दरअसल, 2 दिसंबर से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के किसान लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. मांगें पूरी नहीं होने पर किसानों ने दिल्ली कूच का ऐलान किया हुआ है. इसके मद्देनजर पूरे जिले में धारा 163 लागू की गई है. पुलिस प्रशासन ने ऐलान किया है कि जिले में ना तो कोई धरना प्रदर्शन होगा और ना ही कोई महापंचायत. ऐसा करने वाले दर्जनों किसानों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. राकेश टिकैत भी इन किसानों के समर्थन में ग्रेटर नोएडा आ रहे थे, जिन्हें टप्पल में ही हिरासत में ले लिया गया था.

नोएडा के किसानों की डिमांड्स क्या हैं?

किसानों का कहना है कि नए भूमि अधिग्रहण कानून के अनुसार 1 जनवरी 2014 के बाद अधिग्रहित भूमि का 4 गुना मुआवजा दिया जाए. गौतमबुद्ध नगर में 10 साल से सर्किल रेट भी नहीं बढ़ाया गया है. नए भूमि अधिग्रहण कानून के लाभ जिले में लागू किए जाएं. किसान चाहते हैं कि जमीन अधिग्रहण के बदले 10 फीसदी विकसित भूखंड दिया जाए और 64.7 फीसदी की दर से मुआवजा दिया जाए. भूमिधर, भूमिहीन किसानों के बच्चों को रोजगार और पुनर्विकास के लाभ दिए जाएं. हाई पावर कमेटी की सिफारिशें लागू की जाएं. आबादी क्षेत्र का उचित निस्तारण किया जाए. ये सारे निर्णय शासन स्तर पर लिए जाने हैं.

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