प्रयागराज के नैनी रेलवे स्टेशन पर रेलवे कर्मचारी की सूझबूझ और बहादुरी से एक यात्री की जान बच गई. घटना शाम करीब चार बजे की बताई जा रही है, जब प्लेटफार्म संख्या 4 से गुजर रही कामायनी एक्सप्रेस में चढ़ने की कोशिश कर रहा एक युवक संतुलन खो बैठा और ट्रेन-प्लेटफार्म के बीच गिर पड़ा.
जानकारी के अनुसार ट्रेन प्रयागराज की ओर जा रही थी. इसी दौरान एक यात्री चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रहा था, अचानक उसका पैर फिसल गया और वह ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच खतरनाक स्थिति में फंस गया. मौके पर ड्यूटी कर रहे पॉइंट्समैन सूबे सिंह चौधरी ने स्थिति को तुरंत भांप लिया.
कामायनी एक्सप्रेस में चढ़ने की कोशिश में फिसला युवक
बताया जा रहा है कि सूबे सिंह चौधरी उस समय ट्रेन को वेव कर रहे थे. जैसे ही उन्होंने यात्री को गिरते देखा, उन्होंने बिना देर किए दौड़कर उसे खींचकर बाहर निकाल लिया. इस दौरान उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना साहस और सूझबूझ का परिचय दिया. उनकी त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया और यात्री की जान बच गई.
सूबे सिंह चौधरी मूल रूप से बीकानेर मंडल से जुड़े हैं और माघ मेले के दौरान विशेष ड्यूटी के लिए प्रयागराज मंडल में तैनात किए गए हैं. फिलहाल वह नैनी रेलवे स्टेशन पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. उनके इस साहसिक कार्य की रेलवे अधिकारियों ने सराहना की है.
सूझबूझ और साहस से टली बड़ी दुर्घटना
मंडल रेल प्रबंधक प्रयागराज मंडल रजनीश अग्रवाल और वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक (समन्वय) अकांशु गोविल ने सूबे सिंह चौधरी के कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है.
रेल प्रशासन ने इस घटना के बाद यात्रियों से अपील की है कि वो कभी भी चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश न करें. ट्रेन के पूरी तरह रुकने के बाद ही सुरक्षित तरीके से यात्रा करें, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके.