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प्रतीक यादव की अपर्णा से वो पहली मुलाकात, जानिए कैसे किया था अपनी मुहब्बत का इजहार

सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव ने 38 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया. प्रतीक बीजेपी नेता अपर्णा यादव के पति थे. अपर्णा और प्रतीक यादव की दोस्ती स्कूल के दिनों से शुरू हुई, फिर मुहब्बत और शादी में बदल गई.

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अपर्णा यादव और प्रतीक यादव की फिल्मी लव-स्टोरी (Photo-Facebook)
अपर्णा यादव और प्रतीक यादव की फिल्मी लव-स्टोरी (Photo-Facebook)

सपा संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का बुधवार को निधन हो गया है. प्रतीक बीजेपी नेता और उत्तर प्रदेश की महिला आयोग की अध्यक्ष अपर्णा यादव के पति और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई थे. पत्नी अपर्णा यादव ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि प्रतीक का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह 11 बजे लखनऊ के बैकुंठ धाम में किया जाएगा. 

मुलायम सिंह यादव ने दो शादियां की थी. मुलायम की पहली पत्नी मालती देवी से सपा प्रमुख अखिलेश यादव हैं जबति दूसरी पत्नी साधना गुप्ता से प्रतीक यादव थे. प्रतीक ने भले ही सियासत से दूरी बनाए रखी थी, लेकिन उनकी पत्नि अपर्णा यादव राजनीति में सक्रिय हैं. 

प्रतीक यादव और अपर्णा यादव की प्रेम कहानी किसी बॉलीवुड फिल्म की पटकथा से कम नहीं है. स्कूल के दिनों में मुलाकात और फिर सालों का लंबा इंतजार और फिर लिए सात फेरे. इस तरह उनकी लव स्टैरी, अरेंज्ड मैरिज में बदल गई. क्या आप जानते हैं कि कैसे अपर्णा और प्रतीक की पहली बार कब मिले और किसने किया था मुहब्बत का इजहार?

अपर्णा और प्रतीक की पहली मुलाकात
उत्तर प्रदेश के सबसे रसूखदार सियासी कुनबे यानी 'यादव परिवार' की जब भी बात होती है,तो अक्सर सत्ता और राजनीति के समीकरणों पर चर्चा होती है. लेकिन इसी परिवार के छोटे बेटे प्रतीक यादव और उनकी पत्नी अपर्णा यादव की दोस्ती और इश्क की कहानी किसी फिल्मी स्टोरी से कम नहीं है. 

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इस कहानी की शुरुआत होती है लखनऊ के मशहूर लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल से होती है. प्रतीक यादव लखनऊ के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल में पढ़ रहे थे जबकि अपर्णा बिष्ट (शादी से पहले का नाम) लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ते थे. उन दिनों प्रतीक यादव कक्षा 9 के छात्र थे जबकि अपर्णा बिष्ट उनसे एक साल जूनियर यानी 8वीं क्लास में थीं. 

अपर्णा और प्रतीक भले ही अलग-अलग स्कूल में थे, लेकिन कॉमन दोस्तों और इंटर स्कूल फंक्शनों के चलते उनकी दोस्ती हुई. बात 2001 की है जब अपर्णा यादव अपने एक बार दोस्त के जन्मदिन की पार्टी में गईं थी, वहीं पर प्रतीक यादव भी आए हुए थे. अपर्णा को पहले ये नहीं पता था कि प्रतीक यादव पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव के बेटे हैं. इस तरह ये उनकी पहली मुलाकात की थी. 

प्रतीक और अपर्णा किसने किया था प्रपोज
जन्मदिन की पार्टी खत्म होने के बाद प्रतीक और अपर्णा आपस में बात कर रहे थे. तभी प्रतीक ने उनसे उनकी ई-मेल आईडी मांगी. मोबाइल का चलन उतना नहीं था तो अपर्णा बिष्ट ने प्रतीक को मेल आईडी दे दी. अपर्णा की सादगी और उनके बात करने के अंदाज ने प्रतीक का दिल जीत लिया था. इसे उस समय यह केवल एक स्कूली आकर्षण था, जिसे शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह एक दिन शादी की दहलीज तक पहुंचेगा.

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अपर्णा कोप्रतीक ने कई मेल कर रखा था. मुलाकात के करीब एक सप्ताह के बाद अपर्णा अपना ई-मेल चेक कर रही थी तो उन्होंने देखा कि प्रतीक नाम से बहुत सारे मेल इनबॉक्स में पड़े थे. अपर्णा ने एक-एक मेल पढ़कर देखा तो उनकी खुशी और आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा. प्रतीक ने ईमेल के जरिए अपने दिल की बात लिख भेजी थी और अपर्णा के प्रति अपने जज्बातों को बयां किया था.

ईमेल से प्रतीक ने अपर्णा को पहली बार प्रपोज किया था.इसके बाद अपर्णा भी अपना दिल उन्हें दे बैंठी. प्रतीक यादव ने एक इंटरव्यू में खुद इस बात का खुलासा किया था कि उन्होंने अपर्णा को प्रपोज करने के लिए MSN मैसेंजर का इस्तेमाल किया था. इस तरह चैटिंग के दौरान ही प्रतीक ने अपने दिल की बात अपर्णा के सामने रखी

अपर्णा और प्रतीक में होती रही चैटिंग 
प्रतीक यादव के प्रपोज करने के बाद अपर्णा ने तुरंत 'हां' नहीं कहा. उन्होंने इस रिश्ते को समझने के लिए वक्त लिया, लेकिन प्रतीक की सादगी और उनकी ईमानदारी ने आखिरकार अपर्णा को भी अपना दीवाना बना दिया. जैसे-जैसे समय बीतता गया, दोनों की नजदीकियां बढ़ती गईं. उस दौर में घंटों तक लैंडलाइन फोन पर बातें करना और घरवालों की नजरों से बचकर कॉल उठाना उनके प्यार का हिस्सा बन गया था.

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प्रतीक बताते हैं कि वे अपर्णा को रिझाने के लिए उनकी गायकी की तारीफ किया करते थे, क्योंकि अपर्णा शास्त्रीय संगीत में निपुण थीं. इस कहानी में मोड़ तब आया जब दोनों को पढ़ाई के लिए विदेश जाना पड़ा. प्रतीक आगे की पढ़ाई के लिए ब्रिटेन चले गए और कुछ समय बाद अपर्णा भी मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी चली गईं. करीब 8 सालों तक दोनों लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में रहे, लेकिन सात समंदर पार होने के बावजूद उनके बीच का भरोसा कभी कम नहीं हुआ.

विदेश से लौटने के बाद शादी के बंधन में बंधे
प्रतीक और अपर्णा दोनों ही जब विदेश से अपनी पढ़ाई पूरी कर लौटे, तो बारी थी परिवार को मनाने की। प्रतीक, मुलायम सिंह यादव (नेताजी) के बेटे थे और अपर्णा एक ब्यूरोक्रेट परिवार से ताल्लुक रखती थीं. हालांकि, प्रतीक ने साफ कर दिया था कि वह शादी करेंगे तो सिर्फ अपर्णा से. कहते हैं कि प्रतीक की जिद और अपर्णा के संस्कारी व्यवहार के आगे नेताजी ने भी अपना आशीर्वाद दे दिया.

साल 2011 में दोनों की सगाई हुई और दिसंबर 2012 में सैफई में एक बेहद भव्य समारोह में दोनों ने सात फेरे लिए. इस शादी में देश की बड़ी-बड़ी हस्तियां पहुंची थी. अमिताभ बच्चन, अनिल अंबानी और राजनीति से लेकर बॉलीवुड तक की तमाम बड़ी हस्तियां शिरकत की थी. प्रतीक और अपर्णा की शादी उस साल की सबसे हिट शादी थी. 

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शादी के बाद अपर्णा और प्रतीक का जीवन खुशहाल बीत रहा था और फिर उनके घर एक बेटी प्रथमा का जन्म हुआ. दोनों ही मिलकर प्रथमा को पाल रहे थे. जहां प्रतीक पूरी तरह राजनीति से दूर जिम और बिजनेस पर फोकस्ड थे तो अपर्णा को राजनीति में आने का मन हुआ. अपर्णा ने बीजेपी ज्वॉइन की, जो उनके और सपा खानदान के बीच टकराव की वजह भी बनी. हालांकि, बाद में फिर से दोनों की केमिस्ट्री बन गई, लेकिन बुधवार को प्रतीक ने दुनिया को अलविदा कह दिया. 

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