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ओमप्रकाश राजभर ने बताया क्यों टूटा सपा और I-PAC का साथ, लगाए गंभीर आरोप

यूपी सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी के कहने पर I-PAC को रखा था. उनके अनुसार, बंगाल कोयला घोटाले की फंडिंग रुकने और वहां चुनाव हारने के कारण ही अखिलेश ने ढाई महीने में यह कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया.

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अखिलेश यादव और ओमप्रकाश राजभर (File Photo)
अखिलेश यादव और ओमप्रकाश राजभर (File Photo)

समाजवादी पार्टी द्वारा I-PAC के साथ कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने पर यूपी के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने I-PAC को ममता बनर्जी के निर्देश पर कॉम्प्लीमेंट्री काम के लिए रखा था. उनके अनुसार, इसकी फंडिंग बंगाल कोयला घोटाले के पैसे से होनी थी, लेकिन वहां चुनाव हारने और फंड न मिल पाने के कारण अखिलेश ने ढाई महीने में ही I-PAC को हटा दिया.

राजभर ने सोशल मीडिया पर लिखा- आज बताता हूं, अखिलेश यादव की  I-PAC को हटाने की कहानी... दरअसल, ममता दीदी ने I-PAC नाम की एक पॉलिटिकल स्ट्रैटजी कंपनी हायर की. उस कंपनी को काम देने के साथ ही ममता दीदी ने यूपी में सपा के लिए कॉम्प्लीमेंट्री काम करने का निर्देश दिया. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार I-PAC की पूरी फंडिंग पश्चिम बंगला में ममता बनर्जी की सरकार में हुए 2700 करोड़ से ज्यादा के कोयला घोटाले से हो रही थी.

बकौल ओमप्रकाश राजभर- तमाम जांचों में यह बात सामने आई है कि हवाला के जरिए  I-PAC को फंडिंग हो रही थी और ब्लैक मनी को व्हाइट किया जा रहा था. पश्चिम बंगाल के कोयला घोटाले का यही फंड हवाला के जरिए I-PAC की यूपी विंग को आना था, जो सपा के लिए चुनावी जमीन तैयार करता.

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मंत्री ने आगे कहा कि 'अखिलेश जी के लिए दुखद घटना यह हो गई कि पश्चिम बंगाल में ममता दीदी हार गई. अब घोटाले का फंड यूपी कैसे आ सकता है, जब सरकार ही नहीं बची? यही वजह रही कि ढाई महीने I-PAC से काम कराने के बाद अखिलेश जी ने I-PAC को नमस्ते कर दिया. जवाब दीजिए अखिलेश जी?'

ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव की कंपनी इसलिए बंद हुई क्योंकि कोयला घोटाले का पैसा, जो पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के जरिए लगाया गया था, सरकार बदलने के बाद डूब गया. इसी वजह से कंपनी बंद करनी पड़ी.

राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव पश्चिम बंगाल हार का साथ देने जा रहे हैं. जो हार चुकी है, उसी का समर्थन करने जा रहे हैं. जैसे ममता, वैसे अखिलेश- दोनों एक-दूसरे का साथ देंगे.

उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने इस्तीफा नहीं दिया, बल्कि पार्टी ने उन्हें हटाया है. राजभर के मुताबिक, जिस तरीके से वह गए हैं, उससे पश्चिम क्षेत्र के लोग काफी खुश हैं.

राजभर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि मेरे पास लिखा हुआ नहीं आता, लिखा हुआ तो उनके पास आता है. 2027 के चुनाव में साफ हो जाएगा कि किसके पास कितना जनाधार है.

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उन्होंने PDA को लेकर भी कटाक्ष किया और कहा कि अगर उनके पास जनाधार नहीं है, तो फिर PDA के पास कौन सा जनाधार है. वहीं, सीमा राजभर को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर पार्टी प्रवक्ता जवाब देंगे.

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