यूपी के मुरादाबाद में बुधवार रात पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में 50 हजार का इनामी बदमाश आशू उर्फ मोंटी मुठभेड़ में मारा गया. आरोपी पर एक निर्यातक से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप था. आरोपी के पास से पिस्टल , रिवाल्वर और बंदूक और काफी भारी संख्या में कारतूस मिले. उसके द्वारा एक दर्जन राउंड फायरिंग घटना स्थल पर की गई.
सिविल लाइंस क्षेत्र के प्रेम नगर स्थित वजीरचंद एक्सपोर्ट फर्म के मालिक निर्यातक अरशू ढल के पास 12 मार्च की रात करीब 8:08 बजे एक अज्ञात नंबर से मिस कॉल आई थी. कुछ देर बाद वॉट्सएप कॉल पर आरोपी ने गाली-गलौज की थी. कॉल कटने के बाद उसने मैसेज भेजकर 5 करोड़ की रंगदारी मांगी थी.
पीड़ित के मुताबिक, 14 मार्च की दोपहर 2:31 बजे आरोपी ने फिर से मैसेज कर खुद को आशू उधम बताते हुए धमकी दी और रकम का इंतजाम करने को कहा. इसके अगले दिन बाइक सवार बदमाशों ने फर्म के गेट पर पहुंचकर फायरिंग की, जिससे दहशत फैल गई. इस मामले में गार्ड उमेश की ओर से सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी.

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल लाइंस पुलिस और मेरठ एसटीएफ की टीमें लगातार आरोपी की तलाश में जुटी थीं. एसएसपी सतपाल अंतिल के मुताबिक, आशू उर्फ मोंटी पर 50 हजार का इनाम घोषित था. उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 36 केस दर्ज थे.
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एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि बुधवार की रात पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी रंगदारी की रकम लेने मुरादाबाद पहुंचा है. इस पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने सिविल लाइंस क्षेत्र के इस्लाम नगर रोड स्थित पोस्टमार्टम हाउस के पास उसे घेर लिया.
खुद को घिरता देख आरोपी ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें आशू उर्फ मोंटी को दो गोलियां लगीं और वह मौके पर ही गिर पड़ा. गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
मृतक की पहचान हापुड़ के हाफिजपुर थाना क्षेत्र के मीरापुर गांव निवासी आशू उर्फ मोंटी के रूप में हुई है. पुलिस का कहना है कि वह लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय था और इलाके में दहशत का पर्याय बन चुका था.