उत्तर प्रदेश के बांदा (Banda) में 8 साल के मासूम से अपहरण और दुष्कर्म के मामले में कोर्ट (Court) ने दोषी को 30 साल की सजा सुनाई है. इसके साथ ही 40 हजार का जुर्माना भी लगाया है. वहीं, फैसले के बाद पीड़ित के परिजनों ने कोर्ट का धन्यवाद देते हुए कहा कि हमारे साथ न्याय हुआ है. दोषी ने बहुत गलत किया. बेटी की ज़िंदगी बर्बाद कर दी थी.
दरअसल, कमासिन थाना इलाके के पीड़ित ने साल 2016 में शिकायत की थी कि उसकी नाबालिग बेटी का एक शख्स अपहरण कर ले गया. इसके बाद उसने रेप की घटना को अंजाम दिया. इस मामले में पुलिस ने 363/366/376 समेत पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया.
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27 दिसंबर 2016 को दर्ज कराई गई थी FIR
कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान 6 जज बदल गए, 50 से ज्यादा तारीखें पड़ी, 8 गवाह पेश किए गए. कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अंत में दोषी को 30 साल की कठोर सजा सुनाई है. कोर्ट के सरकारी वकील सुनील कुमार ने बताया कि कमासिन थाना क्षेत्र के एक गांव के पीड़ित ने 27 दिसंबर 2016 को शिकायत दर्ज कराई थी.
चित्रकूट के रहने वाले शख्स को कोर्ट ने किया बरी
शिकायत में कहा गया कि 8 साल की बच्ची का रज्जू उर्फ राजेश अपहरण कर ले गया था. इस मामले में चित्रकूट के एक युवक का भी हाथ था. पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया था. साल 2017 में आरोप पत्र दाखिल हुआ, जिसमें चित्रकूट के रहने वाले आरोपी को कोर्ट ने बरी कर दिया. रज्जू के केस में ट्रायल शुरू हुआ. अब कोर्ट ने रज्जू को दोषी करार दे दिया और 30 साल की कैद की सजा सुनाई है.
SP ने प्रेस नोट जारी कर कही ये बात
एसपी अंकुर अग्रवाल ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि सरकार की तरफ से ऑपरेशन कंवेक्शन चलाया जा रहा है, जिसमें महिला से अपराध के मामले में जल्द से जल्द साक्ष्य इकट्ठे कर कोर्ट में पेश किए जा रहे हैं. अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जा रही है. इसी क्रम में एक पुराने मामले में एक व्यक्ति को कोर्ट ने 30 साल की सजा सुनाई है. ऐसी सजा होने से अपराधियों में डर का माहौल बनेगा और अपराध में कमी आएगी.