उत्तर प्रदेश के बांदा (Banda) में 5 साल के मासूम से दुष्कर्म के मामले में कोर्ट (Court) ने दोषी को 10 साल की सजा सुनाई है. इसके साथ ही 10 हजार का जुर्माना भी लगाया है. सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि आरोपी हमीरपुर का रहने वाला है. वह बांदा में रहकर रिक्शा चलाता था. उसने साल 2014 में मासूम को टॉफी देने के बहाने दुष्कर्म किया था.
पुलिस ने पीड़ित के पिता की तहरीर पर केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की. पुलिस ने इस मामले में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया. छह गवाह पेश किए, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने दोषी करार दे दिया. इस दौरान 6 जज बदल गए. 50 से ज्यादा तारीखें पड़ीं.
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कोर्ट के सरकारी अधिवक्ता कमल सिंह गौतम ने बताया कि पीड़ित पिता ने साल 2014 में शिकायत दर्ज कराई थी कि हमीरपुर के मौदहा थाना क्षेत्र के खंडेह का रहने वाला राजेन्द्र बांदा में रिक्शा चलाता था. उसने 5 साल की मासूम को टॉफी का लालच देकर सड़क किनारे दुष्कर्म किया.
बच्ची के चिल्लाने पर उसका मुंह दबा लिया. आवाज सुनकर पड़ोस की महिला वहां पहुंची और देखा तो पत्थर लेकर मारने दौड़ी. तब आरोपी मासूम को छोड़कर भाग गया था. शिकायत पर पुलिस ने 376AB सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया. पुलिस ने विवेचना शुरू की. आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया. कोर्ट में 6 गवाह पेश किए गए. तमाम दलीलों के बाद कोर्ट ने रिक्शा चालक को दोषी करार दे दिया और 10 साल की सजा सुनाई है, साथ ही 10 हजार का जुर्माना भी लगाया है.
अधिवक्ता ने बताया कि फैसला आने में देर इसलिए हुई कि पीड़िता किराए पर रहती थी. वह कहीं चली गई थी. 8 साल बाद कोर्ट में उसके बयान दर्ज हो सके हैं. कोर्ट के आदेश पर दोषी को जेल भेज दिया गया. इस केस के दौरान छह जज बदल गए. वहीं 50 तारीखें पड़ीं.