मेरठ के सरधना क्षेत्र स्थित कपसाड गांव में 8 जनवरी को सुनीता की हत्या और उसकी बेटी रूबी का अपहरण करने वाले आरोपी के अब नाबालिग होने का तथ्य सामने आया है. शैक्षिक दस्तावेजों के अनुसार आरोपी की वर्तमान आयु 17 वर्ष 6 माह बताई जा रही है.
पुलिस की 10 टीमों और 200 कर्मियों ने शनिवार को आरोपी को हरिद्वार से गिरफ्तार कर युवती को बरामद किया था. रविवार को कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया, जबकि रूबी को काउंसलिंग के बाद परिजनों को सौंप दिया गया. अब आरोपी के वकील उम्र के आधार पर कानूनी राहत की मांग कर रहे हैं.
उम्र के आधार पर केस ट्रांसफर की तैयारी
हत्या और अपहरण जैसे गंभीर आरोपों में घिरे आरोपी को लेकर उसके वकील बलराम सोम ने नया दावा पेश किया है. उनके अनुसार, आरोपी की आयु अभी 18 वर्ष पूरी नहीं हुई है, इसलिए वह किशोर की श्रेणी में आता है. इसी आधार पर आगामी दो-तीन दिनों में कोर्ट में जमानत अर्जी लगाने और मामले को किशोर न्याय बोर्ड (जुवेनाइल कोर्ट) में स्थानांतरित करने के लिए याचिका दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
हरिद्वार से हुई थी बरामदगी
बता दें कि 8 जनवरी की सुबह आरोपी ने फरसे से वार कर सुनीता की जान ले ली थी और उसकी बेटी को जबरन अपने साथ ले गया था. बड़े स्तर पर चली तलाश के बाद पुलिस ने दोनों को हरिद्वार से ढूंढ निकाला था. युवती के कोर्ट में बयान दर्ज होने के बाद उसे आशा ज्योति केंद्र भेजा गया था. फिलहाल पुलिस और कोर्ट की नजर अब आरोपी की वास्तविक उम्र के सत्यापन पर टिकी है.