मेरठ की नेहा को क्या पता था कि जिस अस्पताल में वह मरीजों की जान बचाने का काम करती है, वहीं उसका आखिरी दिन लिखा जा चुका है. दोपहर उसने सिर्फ इतना कहा कि उसे कमजोरी महसूस हो रही है. पुलिस का दावा है कि इसके बाद उसे ड्रिप लगाने के बहाने ऑपरेशन थिएटर (OT) में ले जाया गया. कुछ मिनट बाद वही ड्रिप उसकी मौत की वजह बन गई. OT में उसे ले जाने वालों ने इस केस का राज छिपाने के लिए सुसाइड नोट और सल्फर की गोलियां तक रख दी . लेकिन एक छोटी-सी गलती ने पूरी साजिश खोल दी.
एक ड्रिप... और खत्म हो गई जिंदगी
मेरठ के लोहियानगर स्थित एमसीसी अस्पताल में 25 वर्षीय नेहा रोज की तरह ड्यूटी पर पहुंची थी. अस्पताल के स्टाफ के बीच काम चल रहा था. किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ देर बाद अस्पताल का ऑपरेशन थिएटर ही पुलिस जांच का सबसे बड़ा घटनास्थल बनने वाला है. पुलिस के मुताबिक, दोपहर करीब 12 बजे नेहा ने कमजोरी महसूस होने की बात कही. अस्पताल कर्मचारी सुरेश और फरहान उसे ड्रिप लगाने के लिए OT में ले गए. आरोप है कि इलाज के नाम पर लगी उसी ड्रिप में जहरीला रासायनिक पदार्थ मिला दिया गया. कुछ ही देर में नेहा अचेत हो गई और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पहली नजर में मामला आत्महत्या जैसा दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, कहानी पूरी तरह बदल गई.
मौत के बाद रची गई दूसरी स्क्रिप्ट
पुलिस के अनुसार, वारदात के तुरंत बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की योजना बनाई. एक नोटपैड पर सुसाइड नोट लिखा गया और उसे नेहा के शव के पास रख दिया गया. साथ ही सल्फर की गोलियां भी रख दी गईं, ताकि लगे कि उसने खुद जहर खाकर जान दी है. लेकिन यहीं आरोपियों से सबसे बड़ी चूक हो गई. जब नेहा के परिजन अस्पताल पहुंचे तो उन्होंने सबसे पहले सुसाइड नोट देखा. पढ़ते ही उन्हें शक हो गया. परिवार ने पुलिस से कहा कि यह लिखावट नेहा की नहीं है. उन्होंने उसकी पुरानी लिखावट भी दिखाई. इतना ही नहीं, मायके और ससुराल दोनों पक्षों ने कहा कि उनके बीच किसी तरह का विवाद नहीं था. यहीं से पुलिस ने आत्महत्या की जगह हत्या के एंगल से जांच शुरू कर दी.
CCTV में कैद हुई आखिरी तस्वीर
पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे खंगाले. फुटेज में नेहा, सुरेश और फरहान एक साथ ऑपरेशन थिएटर में जाते दिखाई दिए. कुछ देर बाद सुरेश अकेला ग्लव्स पहनकर बाहर निकलता नजर आया. यह फुटेज पुलिस की जांच का सबसे अहम सुराग बना. इसके बाद मोबाइल कॉल डिटेल निकाली गई तो एक और कहानी सामने आई. पुलिस के मुताबिक, सुरेश और नेहा के बीच पिछले सात-आठ महीने से प्रेम संबंध थे. पूछताछ में सुरेश ने बताया कि वह पहले से शादीशुदा है और उसका पांच साल का बेटा भी है. आरोप है कि नेहा उससे शादी करना चाहती थी, लेकिन सुरेश इसके लिए तैयार नहीं था. पुलिस का दावा है कि इसी वजह से उसने फरहान के साथ मिलकर हत्या की साजिश बनाई.
इलाज की जगह मौत का इंजेक्शन
पुलिस का कहना है कि जब नेहा ने कमजोरी की बात कही तो उसी मौके का फायदा उठाया गया. ड्रिप लगाने के बहाने उसे OT में ले जाया गया और वहीं कथित तौर पर जहरीला रासायनिक पदार्थ इंजेक्ट कर दिया गया. कुछ मिनटों में उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई. घटनास्थल से पुलिस ने सुसाइड नोट, नोटपैड, सिरिंज, केमिकल का रैपर, कैनूला और नेहा का मोबाइल बरामद किया. सभी सामान फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. जांच में सामने आया कि करीब एक साल पहले नेहा के पति की मौत हो चुकी थी. इसके बाद उसने परिवार और बच्चे की जिम्मेदारी उठाने के लिए अस्पताल में नौकरी शुरू की थी. पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान उसकी नजदीकियां सुरेश से बढ़ीं और बाद में यही रिश्ता कथित हत्या की वजह बन गया.