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सिद्धार्थनगर की बूढ़ी राप्ती नदी में डूबे दो मेडिकल छात्र: जिस बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए पिता चलाता था ऑटो, अब उसी के अंतिम सफर के लिए मांगना पड़ा चंदा!

यूपी के सिद्धार्थनगर जिले में एक हृदयविदारक घटना घटी. योगमाया मंदिर के पास बूढ़ी राप्ती नदी में नहाने गए पंडित माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के दो छात्र गहरे पानी में समा गए. कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने शव बरामद किए, जिससे मेडिकल कॉलेज और परिजनों में शोक की लहर है.

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नदी में डूबने से दो मेडिकल छात्रों की मौत (Photo- Screengrab)
नदी में डूबने से दो मेडिकल छात्रों की मौत (Photo- Screengrab)

Uttar Pradesh News: सिद्धार्थनगर जिले के जोगिया थाना क्षेत्र में सोमवार शाम बूढ़ी राप्ती नदी में डूबने से मेडिकल छात्र सत्यम नायक और सचिन महावर की मौत हो गई. ये दोनों छात्र अपने दो अन्य साथियों, नितेश और विनीत के साथ योगमाया मंदिर के पास नदी में नहाने पहुंचे थे. नहाते समय सत्यम और सचिन गहरे पानी का अंदाजा नहीं लगा पाए और डूबने लगे. किनारे मौजूद साथियों की सूचना पर पहुंची पुलिस और गोताखोरों ने एक घंटे की तलाश के बाद दोनों के शव बाहर निकाले. मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

राजस्थान और बस्ती के रहने वाले थे मृतक छात्र

हादसे का शिकार हुए छात्रों में सचिन महावर एमबीबीएस द्वितीय वर्ष का छात्र था, जो राजस्थान के सवाई माधोपुर का निवासी था. वहीं, सत्यम नायक जूनियर रेजिडेंट (JR) थे और वह उत्तर प्रदेश के ही बस्ती जिले के कलवारी क्षेत्र के रहने वाले थे. चार दोस्त एक साथ नदी पर गए थे, लेकिन दो छात्र किनारे पर होने के कारण सुरक्षित बच गए. मौके पर मौजूद ग्रामीणों के अनुसार, छात्र अक्सर यहां नहाने आते हैं, लेकिन गहराई का पता न होने से यह हादसा हुआ.

बेटे का शव लेने के लिए चंदा जुटाने को मजबूर पिता

मृतक छात्र सचिन महावर के परिवार के हालात बेहद भावुक करने वाले हैं. सचिन के पिता ऑटो रिक्शा चलाकर उसे डॉक्टर बनाने का सपना देख रहे थे. जब बेटे की मौत की खबर राजस्थान पहुंची, तो पिता के पास सिद्धार्थनगर आने तक के पैसे नहीं थे. ग्रामीणों और सहपाठियों के अनुसार, परिजनों ने गांव में चंदा लगाकर रुपए इकट्ठा किए ताकि वे बेटे का शव लेने उत्तर प्रदेश पहुंच सकें. इस खबर ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं.

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पुलिस प्रशासन की कार्रवाई

एएसपी प्रशांत कुमार प्रसाद ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही जोगिया थाना प्रभारी और राहत बचाव दल मौके पर पहुंच गया था. गोताखोरों ने करीब डेढ़ घंटे की मेहनत के बाद शवों को रिकवर किया. हालांकि मेडिकल कॉलेज के अन्य छात्रों ने मौके पर ही सीपीआर देकर उन्हें बचाने की कोशिश की थी, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली. 

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