उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के एक निजी अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड में उस वक्त हड़कम्प मच गया जब नर्स ने कई बच्चों को इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद 3 माह के दुधमुंहे बच्ची की तबियत बिगड़ गई . इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई,जबकि दो और बच्चों की हालत नाजुक बताई जा रही है.
मौत की खबर सुनते ही परिवार के लोगों ने हंगामा काटते हुए स्टाफ नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सीएमएस से लिखित शिकायत कर दी. जिसके बाद सीएमएस ने जांच टीम गठित कर दी है.
वही इस पूरे मामले पर मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल ने बताया कि बच्चों को सांस लेने में परेशानी थी. जिस दवा के इंजेक्शन से मृत्यु की बात कही जा रही है, वही दवा अन्य बच्चों को भी लगाई गई है. फिलहाल परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर जांच टीम गठित कर दी गई है.
दरअसल, बस्ती मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा यूनिट के पीआईसीयू वार्ड में भर्ती 3 महीने की वैष्णवी के पिता दुखराम ने आरोप लगाते हुए कहा कि बच्ची के रोने व दूध न पीने के कारण मंगलवार की भोर में भर्ती कराया गया. दोपहर में डॉक्टर राउंड पर आए और कई बच्चों को देखा साथ दवा देने के स्टाफ नर्स को निर्देशित किया. जिसके बाद वहां मौजूद स्टाफ नर्स ने मेरी बच्ची के साथ - साथ वार्ड में भर्ती 11 महीने के अर्थ और,नौ महीने के ऋषभ को भी इंजेक्शन लगाया. उसके तुरंत बाद से ही तीनों बच्चों के मुंह से झाग निकलने लगा. बच्चे तेज- तेज सांस लेने लगे. वार्ड में शोर शराबा होते स्टाफ नर्स वहां से खिसक गए.15 मिनट बाद ही वैष्णवी की मृत्यु हो गई.
उन्होंने बताया कि इसकी सूचना पाते ही चिकित्सक बच्चों का इलाज करने में जुट गए, जिससे दो बच्चों की हालत स्थिर हो गई है. शिकायत पर पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और तहरीर के आधार पर आगे की जांच में जुट गई है.