मथुरा के थाना महावन पुलिस ने महावन-बल्देव रोड पर चेकिंग के दौरान एक खुफिया सूचना के आधार पर गांजे की तस्करी कर रहे दो लोगों को गिरफ्तार किया. पकड़े गए तस्करों में मथुरा में डायल 112 पर तैनात सिपाही अनिल कुमार और पचावर का रहने वाला उसका साथी पुष्पेंद्र शामिल हैं. पुलिस ने इन दोनों आरोपियों के कब्जे से 20 किलोग्राम अवैध गांजा और दो लाख रुपये की नकदी बरामद की है. खाकी को दागदार करने वाले इस सिपाही और उसके साथी के खिलाफ पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया है.
चेकिंग के दौरान खुली खाकी की पोल
पुलिस को महावन-बल्देव रोड पर नशीले पदार्थों की तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी. इस इनपुट के आधार पर जब महावन पुलिस ने घेराबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की, तो दोनों आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए.
जब गाड़ियां खंगाली गईं, तो पुलिस टीम के होश उड़ गए क्योंकि उनके सामने कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि पुलिस महकमे का ही अपना एक सिपाही अनिल कुमार खड़ा था. वो अपने साथी पुष्पेंद्र के साथ मिलकर तस्करी के इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहा था.
चार साल पहले शराब तस्करी में भी जा चुका है जेल
डायल 112 के सिपाही अनिल की इस करतूत की चर्चा पूरे जिले में आग की तरह फैल गई है. जांच में सामने आया है कि इस सिपाही का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह चार वर्ष पूर्व भी शराब तस्करी के संगीन आरोप में पुलिस के हाथों गिरफ्तार होकर जेल की हवा खा चुका है. पुराने दाग के बाद भी सिपाही ने सुधरने के बजाय इस बार गांजे की बड़ी खेप खपाने की योजना बनाई थी, जिसे उसकी ही बिरादरी की पुलिस ने नाकाम कर दिया.
कप्तान ने किया सस्पेंड, बैठाई विभागीय जांच
इस पूरे सनसनीखेज मामले पर एसपी देहात सुरेश चंद रावत ने पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों तस्करों से 20 किलो गांजा और दो लाख रुपये जब्त किए गए हैं. पुलिस महकमे में मौजूद इस काली भेड़ पर एसएसपी ने कड़ा रुख अपनाया है. एसएसपी ने सिपाही अनिल कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है और उसके खिलाफ कड़ी विभागीय जांच भी शुरू करवा दी है ताकि उसे नौकरी से बर्खास्त किया जा सके.