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महोबा का अनोखा VIDEO: रिटायरमेंट पर 'दूल्हा' बने शिक्षा विभाग के 'बाबू', घोड़ी चढ़े, विदाई भी हुई

उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड के महोबा जिले से एक ऐसी अनोखी तस्वीर सामने आई है, जहां बेसिक शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ लिपिक की विदाई किसी उत्सव से कम नहीं थी. उन्हें बकायदा घोड़ी पर बैठाकर दूल्हे की तरह विदा किया गया जिसका वीडियो वायरल है.

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रिटायरमेंट पर 'दूल्हा' बने शिक्षा विभाग के 'बाबू' (Photo: itg)
रिटायरमेंट पर 'दूल्हा' बने शिक्षा विभाग के 'बाबू' (Photo: itg)

शादी में दूल्हे को घोड़ी पर चढ़ते तो आपने कई बार देखा होगा, लेकिन क्या कभी किसी कर्मचारी को रिटायरमेंट पर दूल्हे की तरह विदा होते देखा है? उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड के महोबा जिले से एक ऐसी ही अनोखी तस्वीर सामने आई है, जहां बेसिक शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ लिपिक की विदाई किसी उत्सव से कम नहीं थी. 35 साल की सेवा के बाद जब रघुवीर सिंह तोमर रिटायर हुए, तो विभाग ने उन्हें घोड़ी पर बैठाकर, ढोल-नगाड़ों और गुलाल के साथ नई पारी के लिए रवाना किया. विभाग के इस अनूठे प्रेम ने हर किसी का दिल जीत लिया है.

विदाई का माहौल जैसे बड़ा जश्न

आपने सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की विदाई के कई पल देखे होंगे, कहीं फूल-मालाएं, तो कहीं भावुक भाषण. मगर बुंदेलखंड के महोबा जिले से जो तस्वीरें सामने आई हैं, उन्हें देखकर आप भी खुशी से झूम उठेंगे. यहां विदाई का माहौल किसी बड़े जश्न या शादी समारोह से कम नहीं था.

दूल्हे की तरह घोड़ी पर बैठाया

मौका था बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात वरिष्ठ लिपिक रघुवीर सिंह तोमर के सेवानिवृत्ति का. ​35 वर्षों की लंबी और बेदाग सेवा के बाद जब रघुवीर सिंह के विदाई का वक्त आया, तो दफ्तर के साथियों ने इसे यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. डीजे की धुन, ढोल-नगाड़ों की थाप और उड़ते हुए अबीर-गुलाल के बीच पूरा माहौल होली के रंग में सराबोर नजर आया. विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों ने अपने चहेते बाबू जी को दूल्हे की तरह घोड़ी पर बैठाया.

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स्टाफ ने किया बड़ा आयोजन

इससे पहले कार्यालय परिसर में विदाई समारोह का आयोजन हुआ, जहां बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल मिश्रा सहित समस्त स्टाफ ने उन्हें पुष्पमाला पहनाई और स्मृति चिन्ह भेंट किए. बीएसए राहुल मिश्रा ने उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि रघुवीर सिंह जैसे लगनशील और ईमानदार कर्मचारी विभाग की रीढ़ होते हैं. उन्होंने कहा कि मानव जीवन में तीन पड़ाव सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, पहला शिक्षा, दूसरा विवाह और तीसरा रिटायरमेंट. आज उनके इस तीसरे पड़ाव को यादगार बनाने के लिए ही यह अनोखा प्रयास किया गया.

'मेरे जीवन का सबसे अनमोल क्षण'

इस मौके पर खुद रघुवीर सिंह तोमर भी काफी भावुक नजर आए. उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा, आज मुझे अपनी शादी का वो दिन याद आ गया जब मैं घोड़ी पर चढ़कर दुल्हन लेने गया था. आज करियर की दूसरी पारी खत्म कर तीसरी पारी में कदम रख रहा हूँ, तो साथियों ने फिर से वही सम्मान दिया है. यह मेरे जीवन का सबसे अनमोल क्षण है. उन्होंने अपने जूनियर साथियों को ईमानदारी और निष्ठा से कार्य करने का संदेश भी दिया. विभाग के शिक्षकों ने भी इस अनोखे विदाई समारोह में नाचते गाते विदा किया. ​घोड़ी पर कुछ दूर तक शौर्य प्रदर्शन और नाच-गाने के बाद, उन्हें एक सजी हुई रॉयल वेडिंग कार में बैठाकर ससम्मान उनके घर तक छोड़ा गया.
 

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