उत्तर प्रदेश में लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने अपनी ही नाबालिग बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी और चेहरे को तेजाब से जला दिया. हत्या के बाद उसने शव को बाराबंकी में ठिकाने लगाने की कोशिश की और खुद लखनऊ लौट आया. पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने आईजीआरएस पर बेटी की गुमशुदगी की शिकायत भी दर्ज कर दी. लेकिन इसी चालाकी ने उसे बेनकाब कर दिया.
नाबालिग के दादा को हुआ शक
चिनहट थाना प्रभारी दिनेश मिश्रा जब शिकायत की जांच के लिए आरोपी के घर पहुंचे तो वह फरार मिला. घर पर मौजूद किशोरी के दादा, जो पुलिस विभाग से रिटायर्ड इंस्पेक्टर हैं, को बेटे की हरकतों पर शक हुआ. वह वकील के साथ खुद ही थाने पहुंचे और जांच की मांग की. इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी. जांच के दौरान पुलिस उस युवक तक पहुंची जिससे किशोरी का पहले संबंध था. युवक ने पुलिस को एक ऑडियो सुनाई, जिसमें लड़की ने बताया था कि वह अपने पिता के साथ जा रही है और फिलहाल मैसेज - कॉल न करने को कहा था. यही ऑडियो इस पूरे केस की सबसे अहम कड़ी साबित हुआ.
पिता ने खुद दी गुमशुदगी की शिकायत
डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा के मुताबिक, 16 अप्रैल को आरोपी विजय कुमार चौबे ने अपनी 16 साल की बेटी की गुमशुदगी की शिकायत IGRS पर दर्ज कराई थी. 18 अप्रैल को पुलिस जांच के लिए पहुंची, लेकिन आरोपी घर से गायब मिला. फोन भी बंद था. यहीं से शक गहराया और पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की.
झाड़-फूंक के बहाने मारकर जलाया
पुलिस ने आरोपी को गोंडा से गिरफ्तार किया. पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने बताया कि बेटी के कथित संबंधों से नाराज होकर उसने हत्या की साजिश रची थी. मालूम हुआ कि 13 अप्रैल को आरोपी अपने दोस्त अब्दुल मन्नान के साथ कार किराए पर लेकर बेटी को झाड़-फूंक के बहाने बाराबंकी ले गया था. 14 अप्रैल को बड्डूपुर इलाके में शारदा नहर के पास कार में सो रही बेटी का गला दबाकर हत्या कर दी. विरोध करने पर भी दोनों ने तब तक गला दबाया, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई.
हत्या के बाद शव को नहर में फेंकने की कोशिश की गई, लेकिन आसपास लोगों की आवाजाही देख आरोपी घबरा गए. इसके बाद उन्होंने चेहरे को तेजाब से जला दिया और शव को सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए.