UP News: यूपी की राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद में 70 साल के जिस लल्लन खान ने गोलीकांड से तहलका मचा दिया, उसका पासपोर्ट भी बना है और उसका हथियार का लाइसेंस भी है, जबकि वह पुराना हिस्ट्रीशीटर रहा है. लल्लन खान ने तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया, अब पुलिस जांच कर रही है कि इतने मुकदमों के बाद भी लल्लन का लाइसेंस कैसे बना और रेन्यू कैसे हो रहा था. उसके दो बेटे पोलैंड में हैं.
ट्रिपल मर्डर की घटना के बाद लोग हैरान थे कि उम्र के इस पड़ाव में लल्लन ने इतनी बड़ी घटना को क्यों अंजाम दिया. लल्लन के पास पासपोर्ट और असलहे का लाइसेंस है. ये किन परिस्थितियों में बना, इसको लेकर लखनऊ पुलिस कमिश्नर एसबी शिरोडकर ने जांच के आदेश दिए हैं.
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इतना बड़ा अपराधी रहते हुए भी लल्लन खान का पासपोर्ट आखिर कैसे बन गया और इसका हथियार लाइसेंस कैसे रिन्यू होता गया? फिलहाल लल्लन खान और उसके बेटे फराज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने इन दोनों के मददगार थार के ड्राइवर को पहले ही पकड़ लिया था.
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बता दें कि लखनऊ के मलिहाबाद में शुक्रवार की देर शाम जमीन पर कब्जे को लेकर 70 साल के लल्लन खान ने बड़े हत्याकांड को अंजाम दिया था. लल्लन ने अपने ही तीन रिश्तेदारों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया. इस पूरी घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आया, जिसमें लल्लन फायरिंग करते नजर आ रहा है. पुलिस का कहना है कि लल्लन लखनऊ का पुराना कुख्यात हिस्ट्रीशीटर रहा है.
मलिहाबाद में तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले बाप-बेटे अब पुलिस की गिरफ्त में हैं. ये दोनों वारदात को अंजाम देने के बाद से फरार थे. ये दोनों कोर्ट में सरेंडर करने की फिराक में थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने इनकी कोशिशों को नाकाम करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया.
लल्लन खान अपने समय का कुख्यात अपराधी रह चुका है. उस पर 12 से ज्यादा अधिक केस हुए. साल 1980 में लल्लन खान का इलाके में दबदबा था. परिवार की बात करें तो लल्लन के 2 बेटे विदेश में रहते हैं. एक बेटा साथ रहता है, जो हत्याकांड के समय लल्लन के साथ था. जमीनी विवाद में इस तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने के लिए जिस राइफल का इस्तेमाल किया गया, वह भी टेलीस्कोपिक राइफल है, जिसे खुद लल्लन खान चला रहा था.
लल्लन खान लखनऊ के चौक ठाकुरगंज मलिहाबाद काकोरी इलाके का पुराना हिस्ट्रीशीटर है. साल 1980 के दशक में लखनऊ में लल्लन खान की तूती बोलती थी. वह घोड़े से चलता था और खुद को गब्बर खान कहलाता था.
पूर्व डीजीपी बोले- 1985 में लल्लन खान के घर पर मिले थे तमाम हथियार
साल 1985 में लखनऊ के एसपी सिटी और प्रदेश के पूर्व डीजीपी रहे बृजलाल बताते हैं कि 1985 के आसपास लल्लन उर्फ गब्बर सिंह के घर पर जब दबिश दी गई थी तो उसके घर से कई हथियार मिले थे. एक ही लाइसेंस पर कई हथियार थे. कई अवैध असलहे मिले थे. लल्लन हथियारों का शौकीन रहा.
छापेमारी को याद करते हुए बृजलाल कहते हैं कि उस समय लल्लन के घर से 30 माउजर बरामद हुई थीं. चौकी इलाके से पुलिस ने घर से जो असलहे बरामद किए थे, उनको दरी पर बिछाकर लल्लन खान को बैठाया गया था और तस्वीर खींची गई थी.