scorecardresearch
 

लखनऊ में पकड़े गए संदिग्धों के ISI-ISIS से जुड़े हो सकते हैं तार, खिलौना कार से धमाके की थी साजिश

लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार चार संदिग्ध आतंकियों से पूछताछ में बड़े खुलासे हुए हैं. एटीएस का कहना है कि आरोपियों के संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और आतंकी संगठन ISIS से हो सकते हैं. आरोपियों ने खिलौना कार के जरिए बम विस्फोट की साजिश रची थी. एटीएस ने यूपी समेत अन्य राज्यों में नेटवर्क की जांच तेज कर दी है.

Advertisement
X
ISI और ISIS से हो सकता है संदिग्धों का कनेक्शन. (Photo: Representational)
ISI और ISIS से हो सकता है संदिग्धों का कनेक्शन. (Photo: Representational)

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा हुआ है. यूपी ATS ने चारबाग रेलवे स्टेशन से चार संदिग्ध आतंकियों को पकड़ा था. उनसे पूछताछ में कई अहम बातें सामने आई हैं, जिसको लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं.

जांच एजेंसियों के मुताबिक, इन आरोपियों के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी Inter-Services Intelligence (ISI) और आतंकी संगठन Islamic State (ISIS) से जुड़े होने के संकेत मिले हैं. हालांकि, इनकी पुष्टि के लिए गहन जांच चल रही है.

पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी एक नए तरीके से आतंकी हमला करने की साजिश रच रहे थे. उन्होंने खिलौना कार के जरिए बम ब्लास्ट की साजिश रची थी.

यह भी पढ़ें: '8 में 7 संदिग्ध बांग्लादेशी, PAK के लिए रेकी...', लश्कर के टेरर मॉड्यूल पर दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा

यूपी एटीएस ने बताया कि यह आतंकी मॉड्यूल स्लीपर सेल के जरिए काम कर रहा था और युवाओं को अपने नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश कर रहा था. गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन और डिजिटल डेटा की जांच की जा रही है, ताकि उनके संपर्क में आए अन्य लोगों की पहचान की जा सके.

Advertisement

इस पूरे मामले जांच-पड़ताल में यह भी सामने आया है कि मेरठ का रहने वाला एक संदिग्ध साकिब इंटरनेट कॉलिंग के माध्यम से अन्य आतंकियों के संपर्क में था. एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क की जड़ें कहां तक हैं और किन-किन राज्यों तक तार फैले हैं.

वहीं इससे पहले दिल्ली में पकड़े गए कुछ आतंकियों ने भी इसी तरह की साजिश रची थी. फिलहाल एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में इस मॉड्यूल के संभावित कनेक्शन खंगाल रही हैं. साथ ही पुराने मामलों को भी दोबारा जांच के दायरे में लाया जा रहा है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके.

---- समाप्त ----
Live TV

TOPICS:
Advertisement
Advertisement