लखनऊ के विकास नगर थाना क्षेत्र में बीती शाम एक खाली प्लॉट में बनी झोपड़ियों में अचानक भीषण आग लग गई. यह आग कुछ ही देर में विकराल रूप ले बैठी. हालात इतने भयावह हो गए कि करीब 10 किलोमीटर दूर तक आसमान में काला धुआं उठता दिखाई दिया. स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल और पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची टीमों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया. आग की भयावहता को देखते हुए विकासनगर, जानकीपुरम और मड़ियांव समेत आसपास के थानों से पुलिस बल बुलाया गया. करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका. एहतियातन इलाके की बिजली काट दी गई और आसपास के करीब 10 मकानों को खाली कराया गया. इस दौरान तेज धमाकों के साथ एक के बाद एक करीब 10 गैस सिलेंडर फटने से दहशत और बढ़ गई. कई मकान भी आग की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए.
100 से ज्यादा झोपड़ियां राख
सेक्टर-14 स्थित रिंग रोड किनारे इस खाली प्लॉट में 100 से ज्यादा झोपड़ियां बनी थीं, जिनमें करीब दो हजार लोग रहते थे. प्रत्यक्षदर्शी मो. आसिफ के मुताबिक, शाम करीब पांच बजे एक तेज विस्फोट हुआ, जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई. लोग जान बचाने के लिए चीखते हुए बाहर भागे, लेकिन तब तक आग तेजी से फैल चुकी थी और देखते ही देखते पूरी बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया.
20 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं
सूचना मिलते ही इंदिरानगर, गोमतीनगर और हजरतगंज समेत कई फायर स्टेशनों से करीब 20 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. मौके पर डीजी फायर सुजीत पांडेय, डीसीपी पूर्वी दीक्षा शर्मा और मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल समेत कई अधिकारी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया.
आग की तपिश इतनी भीषण थी कि आसपास के पक्के मकान भी इससे अछूते नहीं रहे. स्थानीय निवासी नगमा के अनुसार उनके घर के पीछे लगी आग की गर्मी से दीवारों का प्लास्टर उखड़ गया और घर के अंदर रखा सामान पानी और धुएं से पूरी तरह बर्बाद हो गया.
शादी की खुशियां मातम में बदल गईं
इन्हीं झोपड़ियों में रहने वाले मनीष के घर में उस दिन खुशियों का माहौल था. शाम को उनकी बारात निकलनी थी. घर में उबटन की रस्म चल रही थी, ढोल-नगाड़े बज रहे थे और रिश्तेदारों की चहल-पहल थी. लेकिन अचानक लगी आग ने सब कुछ तबाह कर दिया. दुल्हन के लिए रखे गहने, कपड़े, नकदी और शादी का पूरा सामान जलकर राख हो गया. किसी तरह परिवार के लोगों ने अपनी जान बचाई. मनीष की मां का रो-रोकर बुरा हाल है. वह बार-बार यही कह रही हैं कि सालों से बेटे की शादी के लिए जोड़ा गया सामान एक ही पल में खत्म हो गया कुछ समझ नहीं आ रहा.
इस दर्दनाक हादसे में दो मासूम जिंदगियां भी बुझ गईं
डीसीपी ईस्ट दीक्षा शर्मा के मुताबिक, सतीश नाम के व्यक्ति की दो बेटियां (स्वाति 2साल, आयुषि 2 माह ) आग की चपेट में आ गईं, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई. परिवार बाराबंकी की रहने वाली था. पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए हैं.