
नोएडा सेक्टर 150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उनके आखिरी पलों की खौफनाक तस्वीर सामने रख दी है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट नंबर 101/26 के अनुसार युवराज ने ठंडे पानी में करीब दो घंटे तक मौत से संघर्ष किया. रिपोर्ट और पुलिस सूत्रों के मुताबिक उनकी मौत के पीछे केवल पानी नहीं, बल्कि सिस्टम की देरी और कड़ाके की ठंड भी जिम्मेदार रही.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एंटीमॉर्टम ड्राउनिंग की पुष्टि हुई है. डॉक्टरों ने बताया कि युवराज के फेफड़ों में पानी भरा हुआ पाया गया. रिपोर्ट के अनुसार फेफड़ों में करीब एक से दो लीटर पानी मौजूद था. कई घंटे तक पानी में डूबे रहने के कारण दम घुटने की स्थिति बनी और अंत में हार्ट फेल होने से उनकी मौत हो गई.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा
डॉक्टरों के मुताबिक अत्यधिक ठंड के कारण युवराज को हाइपोथर्मिया हुआ. इसके साथ ही घबराहट की स्थिति में उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि पानी भरने से फेफड़ों पर दबाव बढ़ा और सांस न ले पाने की वजह से दिल ने काम करना बंद कर दिया.

युवराज मेहता गुरुग्राम की डनहमबी इंडिया कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे और हाइब्रिड वर्क मॉडल पर काम करते थे. उनकी मां का कुछ साल पहले निधन हो चुका था. उनकी बड़ी बहन यूनाइटेड किंगडम में रहती हैं. हादसे वाली रात युवराज ऑफिस से लौट रहे थे और घर से महज 500 मीटर पहले यह हादसा हुआ.
सुरक्षा इंतजामों की हुई अनदेखी
स्थानीय लोगों के अनुसार जिस गड्ढे में युवराज गिरे, वहां न तो कोई मजबूत बैरिकेडिंग थी और न ही रिफ्लेक्टर या चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे. घने कोहरे में यह जगह दिखाई ही नहीं देती थी. लोगों का कहना है कि इस स्थान को लेकर पहले भी प्राधिकरण से शिकायत की गई थी, लेकिन सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी की गई.