यूपी के कानपुर में एक भीषण हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं. तेज रफ्तार में जा रहे दूध के टैंकर ने एक बाइक को टक्कर मार दी, जिसमें तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई. हादसा कितना भयावह था, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद तीनों को करीब 100 मीटर तक सड़क पर घसीटा गया.
एजेंसी के अनुसार, घटना कानपुर के रेनुआ क्षेत्र के पास शखा जनवारा गांव के नजदीक हुई. पुलिस का कहना है कि मृतकों की पहचान 35 वर्षीय बलवान, 32 वर्षीय अजय कुमार और 29 वर्षीय सूरज के रूप में हुई है, जो घाटमपुर के नौबस्ता इलाके के रहने वाले थे. तीनों दोस्त थे और अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे.
तीनों युवक यमुना घाट पर 60 वर्षीय प्रेमा देवी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए निकले थे, जिनका एक दिन पहले निधन हो गया था.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टैंकर की रफ्तार बेहद तेज थी और उसने पीछे से बाइक को जोरदार टक्कर मारी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवक उछलकर टैंकर के नीचे आ गए और वाहन उन्हें घसीटता हुआ आगे बढ़ता रहा.
हादसे के बाद टैंकर चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक हालात तनावपूर्ण हो चुके थे.
घटना से आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए और हाइवे को जाम कर दिया. उन्होंने मृतकों के शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया. जब पुलिस ने क्रेन की मदद से टैंकर हटाकर रास्ता क्लियर करने की कोशिश की, तो प्रदर्शनकारी उसके सामने लेट गए, जिससे हालात और बिगड़ गए.
तीन घंटे तक रहा 10 किलोमीटर लंबा जाम
इस विरोध प्रदर्शन के कारण करीब 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जो लगभग तीन घंटे तक बना रहा. बाद में पुलिस ने ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया, तब जाकर स्थिति कुछ हद तक सामान्य हो सकी.
मौके पर घाटमपुर के सहायक पुलिस आयुक्त कृष्णकांत यादव और उपजिलाधिकारी प्रताप सिंह पहुंचे. उन्होंने पीड़ित परिवारों से बातचीत कर कार्रवाई और सरकारी मदद का आश्वासन दिया.
परिजनों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर मुआवजे के साथ आवास सहायता और दुर्घटना योजनाओं के तहत मदद की मांग की है. पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है और फरार टैंकर चालक की तलाश शुरू कर दी है.