कानपुर गैंगरेप मामले में एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में. घटना को छह दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी दारोगा पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है और टीमें भी लगाई गई हैं, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है.
इसी बीच घटना के अगले दिन का एक वीडियो सामने आया है, जो पुलिस की कथित लापरवाही को साफ तौर पर दिखाता है. वीडियो में पीड़िता और उसका भाई भीमसेन चौकी के अंदर आते हुए नजर आते हैं. उस समय चौकी में तत्कालीन चौकी प्रभारी दिनेश सिंह, आरोपी दारोगा अमित मौर्या और पत्रकार शिवबरन मौजूद थे.
गैंगरेप मामले में चौकी के अंदर का वीडियो आया सामने
वीडियो में देखा जा सकता है कि पीड़िता पत्रकार शिवबरन को देखते ही पहचान लेती है. जब निलंबित चौकी प्रभारी दिनेश कुमार दूसरे व्यक्ति के बारे में पूछते हैं, तो पीड़िता का भाई शिवबरन की ओर इशारा कर देता है. इसके बाद शिवबरन पीड़िता के भाई को गाली देता है. इसी दौरान आरोपी दारोगा अमित मौर्या किसी से वीडियो बनाने के लिए कहता हुआ सुनाई देता है.
पीड़िता सिसकते हुए बताती है कि घटना में एक पुलिसकर्मी भी शामिल था. जब उससे पूछा जाता है कि क्या वह उसे पहचानती है, तो पीड़िता कहती है कि उसने पुलिस जैसी वर्दी पहन रखी थी. इस पूरे घटनाक्रम में यह भी सवाल उठ रहे हैं कि एक रेप पीड़िता से पूछताछ के दौरान वहां कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी.
वायरल वीडियो ने खोली पुलिस की कामकाज की पोल
वीडियो में यह भी दिखता है कि कथित आरोपी पत्रकार पुलिस के सामने ही पीड़िता के भाई को धमकाता और गाली देता है, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं होती. इस वीडियो को लेकर अब पुलिस जांच की बात कह रही है. इस मामले पर डीसीपी वेस्ट काशी मापड़ी का कहना है कि वीडियो उनके संज्ञान में आया है और इसकी जांच कराई जा रही है. जांच में जिन लोगों की लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.