ये हैरान कर देने वाली कहानी कानपुर की है. यहां एक लड़की ने एकतरफा प्यार में पीछे पड़े युवक को गिरफ्तार करवा दिया. जब युवक छूटकर बाहर आया तो उसने बदला लेने का प्लान कर डाला. उसने लड़की के एक रिश्तेदार को फंसाने के लिए उसी के नाम से कानपुर सेंट्रल उड़ाने की धमकी दे डाली. जब जांच की गई और कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस ने तफ्तीश की तो पूरी कहानी सामने आ गई.
27 फरवरी को कानपुर सेंट्रल को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी. पुलिस ने इस धमकी के बाद विशेष चेकिंग अभियान चलाया. मौके पर आने वाली ट्रेनों को भी चेक किया. यह धमकी थाने और कानपुर सेंट्रल के कंट्रोल रूम में दी कॉल कर दी गई थी.
कॉल करने वाले ने यह भी कहा था कि मेरे उस्ताद हैं, उनके पास बम और तमंचा रखा है, वह सेंट्रल को बम से उड़ाने जा रहे हैं. मैं अनिल कुमार उनका शागिर्द हूं. चुपचाप पुलिस को सूचना दे रहा हूं. कॉल करने वाले ने उस्ताद का पता भी दिया था.

पुलिस ने जांच की तो जिस व्यक्ति का नाम बताया गया था, वह उसमें शामिल नहीं मिला. इसके बाद पुलिस ने कॉल करने वाले का पता लगाना शुरू किया. इसमें पता चला कि जिस सिम से कॉल किया गया था, वह सिम भी बंद हो गया. फिर पुलिस ने उसी सिम के सहारे मोबाइल का ईएमआई नंबर पता किया तो सामने आया कि यह फोन भी चोरी हो चुका था.
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पुलिस ने इसके बाद 100 सीसीटीवी कैमरों की तलाशी ली और सुराग लगने पर अरशद अली को अरेस्ट कर लिया. पुलिस ने जब पूछताछ की तो उसने बताया कि मैं बाबूपुरवा की एक लड़की से प्रेम करता था. लड़की ने अपने रिश्तेदार के द्वारा शिकायत करवाकर मुझे जेल भिजवा दिया था.

आरोपी ने बताया कि मैं छूटकर आया तो बदला लेने के लिए साजिश रचने लगा. मैंने पहले फोन चुराया, इसके बाद उसी फोन से लड़की के उसी रिश्तेदार का नाम यूज कर पुलिस को कॉल कर दिया. मैंने सोचा था कि इससे वह पकड़ा जाएगा, लेकिन पुलिस ने मुझे ही पकड़ लिया.
पूरे मामले को लेकर पुलिस का क्या कहना है?
इस मामले को लेकर कानपुर जीआरपी के इंस्पेक्टर ओम नारायण सिंह का कहना है कि आरोपी ने चोरी का फोन यूज किया. उसने कॉल करने के बाद सिम को तोड़ दिया था, लेकिन वह फोन इस्तेमाल करता रहा. इसी के बाद पुलिस ने 100 सीसीटीवी कैमरों की जांच कर उसको पकड़ लिया. उसने बताया है कि अपनी प्रेमिका और उसके रिश्तेदार को फंसाने के लिए यह चाल चली थी.