ईद के मौके पर कानपुर में सपा नेताओं की पुलिस से तीखी बहस हो गई. पार्टी कार्यकर्ता की पैरवी के लिए सपा विधायक अमिताभ बाजपेई तमतमाते हुए थाने में घुस गए और पुलिस अधिकारी पर ही उखड़ गए. उन्होंने कहा कि डीसीपी की औकात हो तो रामनवमी में ऐसा करके दिखाना. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
दरअसल, कानपुर पुलिस ने ईदगाह से सपा नेता सम्राट विकास यादव को कस्टडी में ले लिया था. आरोप था कि सपा नेता आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं और लोगों को सड़क पर नमाज पढ़ने के लिए उकसा रहे हैं. पार्टी का झंडा-बैनर आदि भी लगवा रहे हैं. इसकी खबर जब सपा विधायक अमिताभ बाजपेई को लगी तो वह 'इंडिया' गठबंधन के प्रत्याशी आलोक मिश्रा के साथ विकास यादव की पैरवी करने पनकी थाने पहुंच गए.
यहां उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी को जमकर खरी-खोटी सुनाई. सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि अगर आपके DCP की औकात हो तो रामनवमी में ऐसा करके दिखा दें.
जानिए पूरा मामला
कानपुर पुलिस के मुताबिक, अरमापुर ईदगाह में परंपरागत तरीके से इस बार भी नमाज़ होनी थी. व्यवस्थाएं ठीक थीं. लेकिन समाजवादी पार्टी के नेता सम्राट विकास यादव के लोग स्टॉल में पार्टी का फ्लेक्स लगा लस्सी बांट रहे थे. मौके पर मौजूद पुलिस ने आचार संहिता के चलते इसे हटाने को कहा तो सपा नेता सम्राट विकास पुलिस से ही भिड़ गये. जिसके बाद डीसीपी विजय ढुल भी वहां पहुंच गये और सपा नेता से उनकी नोकझोंक शुरू हो गई.
कानपुर पुलिस ने ये भी आरोप लगाया कि सपा नेता लोगों को सड़क पर नमाज पढ़ने के लिए भी उकसा रहे थे. जिसके बाद कानपुर पुलिस ने 151 की कार्रवाई करते हुए सपा नेता को हिरासत में ले लिया और पनकी थाने ले आई.
थाने में हंगामा
'इंडिया' गठबंधन के नेताओं को जब इस बात का पता चला तो वह सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी और कांग्रेस नेता आलोक मिश्रा की अगुवाई में थाने पहुंच गए. थाने पहुंचकर जब इंस्पेक्टर से बात कर रहे थे, तो पनकी इंस्पेक्टर मानवेन्द्र सिंह ने उन्हें उच्च अधिकारियों के पास जाने की सलाह दी. बस इतने में सपा विधायक गर्म हो गए और इंस्पेक्टर को खरी- खोटी सुनाने लगे.
जब इंस्पेक्टर से मामला नहीं संभला तो एसीपी को मौके पर भेजा गया जिसके बाद सपा विधायक ने उन्हें नहीं छोड़ा और और चैलेंज दे डाला कि 'मुसलमान हैं तो आप कैसे भी बात करने लग जाएंगे, आपकी औकात है तो राम नवमी में यही करके दिखाना, हम देखेंगे हैसियत आपकी. यही डीसीपी होंगे और देखते हैं वो क्या करेंगे.'
सपा विधायक ने कहा कि आप धर्म के आधार पर भेदभाव करेंगे. उसका (विकास यादव) कसूर इतना है कि वह सपा का नेता है. इसके ठीक बाद सभी नेता धरने पर बैठ गए और थाने के बाहर भीड़ जमा होने लगी. जिसपर पुलिस ने भी भारी फोर्स मौके पर बुला ली.
'इंडिया' गठबंधन के नेताओं ने अल्टीमेटम दिया कि या तो सपा नेता को छोड़ा जाए या फिर उन्हें भी गिरफ्तार किया जाए.
पुलिस ने विकास पर दर्ज किया मुकदमा
कई घंटों तक चले बवाल के बाद पुलिस ने सपा नेता सम्राट विकास को 151 में चालान करके छोड़ दिया. लेकिन कानपुर पुलिस ने सपा नेता के विरुद्ध आचार संहिता के उल्लंघन और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा भी दर्ज कर लिया है.