उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है. गंदे कपड़े पहनकर स्कूल आने पर शिक्षिका की डांट से आहत कक्षा 5 की छात्रा ने घर लौटकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल फैल गया.
दरअसल, यह मामला सौरिख थाना क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय बेहटा रामपुर का है. शनिवार सुबह की इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की मानसिक स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
बताया गया कि अजय कुमार बाथम की दो बेटियां निधि (कक्षा 5) और नेहा (कक्षा 3) प्रतिदिन की तरह स्कूल पहुंची थीं. सुबह प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों की साफ-सफाई की जांच की जा रही थी, तभी शिक्षिका ने छात्रा को डांट दिया.
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शिक्षिका की डांट से आहत बच्ची
आरोप है कि विद्यालय की एक महिला अध्यापिका ने दोनों बच्चियों को गंदे कपड़े पहनकर आने और साफ-सफाई न रखने पर डांट-फटकार लगाई और उन्हें हिदायत दी. डांट से आहत दोनों बहनें रोते हुए घर लौटीं और अपनी मां को पूरी बात बताई.
परिजनों के अनुसार, घटना के बाद बड़ी बहन निधि बेहद दुखी हो गई थी. कुछ ही देर बाद उसने घर के बरामदे में कुर्सी पर खड़े होकर लाल साड़ी के फंदे से झूलकर आत्महत्या कर ली. यह दृश्य देखते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में खबर फैल गई.
घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में शोक और गुस्से की लहर दौड़ गई. परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में स्कूल पहुंच गए और विरोध शुरू हो गया.
ग्रामीणों का हंगामा और प्रदर्शन
सैकड़ों ग्रामीणों ने छात्रा का शव स्कूल परिसर में रखकर प्रदर्शन किया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. गांव में तनावपूर्ण माहौल बन गया और स्थिति संभालने के लिए प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा.
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू करने की कोशिश की. मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ पाठक और छिबरामऊ के एसडीएम भी पहुंचे.
अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन पूरे इलाके में इस घटना को लेकर गहरा दुख और आक्रोश बना हुआ है.
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