प्रयागराज जिले के करछना थाना क्षेत्र स्थित पचदेवरा गांव के पास बुधवार शाम ट्रेन से कटकर पांच लोगों की मौत हो गई. नेताजी एक्सप्रेस से कोलकाता जा रहे फिरोजाबाद के एक परिवार के चार सदस्य और मिर्जापुर का एक युवक रेलवे ट्रैक पर पहले से पड़े एक शव को देखने के लिए नीचे उतरे थे. इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया. हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया. प्रशासन ने पंचनामा कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
ट्रैक पर पड़ा शव देखने की उत्सुकता बनी काल
जानकारी के अनुसार, फिरोजाबाद के खैरगढ़ क्षेत्र का एक परिवार नेताजी एक्सप्रेस से कोलकाता की यात्रा कर रहा था. पचदेवरा के पास ट्रैक पर एक शव पड़ा होने के कारण ट्रेन रुक गई. उत्सुकतावश कुछ यात्री नीचे उतरकर शव को देखने लगे.तभी अचानक प्रयागराज की तरफ से आ रही तेज रफ्तार पुरुषोत्तम एक्सप्रेस वहां पहुंच गई. जब तक यात्री कुछ समझ पाते, पांच लोग उसकी चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई.
फिरोजाबाद के एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत
मृतकों में फिरोजाबाद निवासी आकाश, बलराम, उनकी भाभी और परिवार का एक अन्य सदस्य शामिल है. वहीं, पांचवें मृतक की पहचान मिर्जापुर के सुनील कुमार के रूप में हुई है, जो किसी काम से प्रयागराज आया था. हादसे के बाद रेल यातायात बाधित हुआ और कई ट्रेनों को रोकना पड़ा. एसपी रेलवे प्रशांत वर्मा ने बताया कि ट्रैक पर पहले से शव होने की वजह से ट्रेन रुकी थी और उसी दौरान यह हादसा हुआ.
रेलवे प्रशासन ने दिया मदद का आश्वासन
हादसे के बाद घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई और चीख-पुकार मच गई. रेलवे अधिकारियों और पुलिस बल ने स्थिति को संभाला. एसपी रेलवे के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है कि किन परिस्थितियों में यात्री ट्रैक पर उतरे थे. रेलवे प्रशासन ने दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया है.
मृतकों के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल
प्रयागराज के करछना रेल हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है. हादसे में फिरोजाबाद के दो सगे भाई, अजय और आकाश की जान चली गई. अजय की महज एक महीने पहले ही पूजा से लव मैरिज हुई थी. बदहवास पूजा ने रोते हुए बताया कि उसकी आंखों के सामने ही पति और देवर ट्रेन की चपेट में आ गए. पूजा का आरोप है कि पुरुषोत्तम एक्सप्रेस के लोको पायलट ने हॉर्न नहीं बजाया, वरना उनकी जान बच सकती थी. पोस्टमार्टम हाउस पर अपनों को खोने का खौफनाक मंजर और मां की चीखें कलेजा चीर रही हैं. पीड़ित परिवार अब मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगा रहा है.